Sagar: सांसद को क्यों आया गुस्सा, कलेक्टर से क्यों बोले-मुझे ऐसी बैठक में मत बुलाया करो, जानिए क्या है मामला
सागर, 7 सितंबर। मप्र सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग बगैर प्लानिंग के काम करता है! यह हम नहीं कह रहे बल्कि सागर में आयोजित हुई बैठक के दौरान सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधियों और खुद कलेक्टर ने सिद्ध कर दिया। सांसद-विधायक तो टीएंडसीपी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और प्रस्तावित मास्टर प्लान में प्रावधान कैसे किए गए? इनका आधार क्या रहा? ग्रीन बेल्ट बनाने के नियम क्या है? जैसे सवालों के जवाब न मिलने से उखड़ गए। सांसद ने भरी मीटिंग में कलेक्टर दीपक आर्य से कहा कि आप मुझे ऐसी बैठकों में मत बुलाया करो, समय खराब होता है।

सागर के प्रस्तावित मास्टर प्लान 2035 पर शासन द्वारा बुलाई गई दावे-आपत्तियों के निराकरण और जनप्रतिनिधियों की शंकाओं के समाधान व प्लान पर विस्तृत जानकारी देने के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसमें सांसद राजबहादुर सिंह और विधायक शैलेंद्र जैन ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों से मास्टर प्लान में प्रस्तावित की गई नई सड़कों व ग्रीन बेल्ट एरिया के बारे में पूछा तो टीएंडसीपी के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए, वे मास्टर प्लान के बारे में दोनों को कुछ बता भी नहीं पाए। इससे सांसद राजबहादुर सिंह गुस्सा हो गए और विधायक के बाजू में बैठे कलेक्टर दीपक आर्य से तपाक से बोले, मैं इस तरह की बैठकों में शामिल होना नहीं चाहता। यहां बुलाकर समय खराब करा रहे हो। सांसद राजबहादुर ने टीएंडसीपी के अधिकारियों से सवाल किया कि आपने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है और आपको कुछ पता ही नहीं है। यदि कोई रोड मास्टर प्लान में प्रस्तावित कर लिया है तो उसका कोई तो कारण होगा, बगैर किसी कारण के तो प्लान बनता नहीं है।

विधायक बोले- अवैध काॅलोनियों को प्रमोट करने का काम न करें
विधायक शैलेंद्र जैन ने भी प्रस्तावित मास्टर प्लान पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैं पिछले 14 सालों से विधायक हूं। पहले कभी बैठकों में जिन सड़कों पर कोई चर्चा तक नहीं हुई, वे सड़कें आज अचानक कागजों में आ गईं और मास्टर प्लान में प्रस्तावित कर दी गई हैं। उन्होंने टीएंडसीपी अधिकारियों को फटकार लगाने के लहजे में कहा कि अवैध काॅलोनियों को प्रमोट करने का काम न करें। सांसद और विधायक यहीं नही रुके गुस्से में उन्होंने कहा कि यहां बेठकर शहर में हम कोई रफ वर्क थोड़ी न कर रहे हैं कि यहां बना दो और वहां बना मिटा दो? आवश्यकता इम्पैक्ट और काॅस्ट देखकर ही कोई भी प्रावधान मास्टर प्लान में करना चाहिए। Sagar: भतीजे की गाड़ी रोकने पर भाजपा के छुटभैये नेता की थाने में गुंडई, मंत्री का नाम लेकर सूबेदार को धमकाया
मास्टर प्लान में जमीनों के रकबे तक गायब
प्रस्तावित मास्टर प्लान-2035 के नक्शे में कई खामियां सामने आई हैं। कई जमीनों के रकबे गायब कर दिए गए हैं। जबकि राजस्व के नक्शे में सभी रकबे दिख रहे हैं। बैठक में कलेक्टर सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि टीएन्डसीपी व राज्य सरकार के नक्शे में जो रकबे के नक्शे अलग-अलग हैं तो उनका नक्शा एक ही किया जाए। सड़कों को विलोपित करने और नई सड़कों को बनाने के लिए जो भी आपत्तियां आई हैं, उनके लिए वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा जाए और पुनः परीक्षण किया जाए।












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