MP Weather: मध्य प्रदेश में छाए बादल, फिर भी बारिश से राहत, जानिए भारी बारिश के बीच कब विदा होगा मानसून
Monsoon Withdrawal: मध्य प्रदेश पर मेहरबान रहे मानसून ने अब अपनी विदाई की तैयारी कर ली है। पिछले कुछ दिनों से रुक रुक कर हल्की बारिश का दौर चल रहा था। अब यह हल्की बारिश का दौर भी थम सा गया है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में बनी तीन मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, कुछ शहरों में छिटपुट बूंदाबांदी हो रही है।
शुक्रवार को राजधानी भोपाल सहित कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई। बारिश में कमी आने के कारण तापमान भी चढ़ने लगा है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जबलपुर, इंदौर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि अब बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। वहीं, मौमस विभाग के अनुसार 23 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून के वापस जाने की शुरुआत भी हो सकती है।
शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 तक छिंदवाड़ा में छह और मंडला में तीन मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं, जावरा में 62 मिमी, मल्हारगढ़ में 40 मिमी, सेंधवा में 26, मंदसौर 23, इटारसी 5.8 बैतूल 1.6 मिमी बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। वहीं, पंजाब और उससे लगे पाकिस्तान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। जबकि बंगाल की खाड़ी में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। उधर, मानसून द्रोणिका जैसलमेर, गुना, जमशेदपुर, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। मानसून द्रोणिका अभी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है।
अलग-अलग स्थानों पर भी तीन मौसम प्रणालियां बनी हुई हैं। इस वजह से जबलपुर, इंदौर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। वैज्ञानिकों के अनुसार 21 सितंबर को अंडमान के पास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बनने जा रहा है। उसके प्रभाव से 23 सितंबर से दक्षिणी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।












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