MP News: अतिथि शिक्षको का डीपीआई के सामने प्रदर्शन जारी, घोषणाओं को जल्द पूरा करने की मांग
MP Guest teachers News: प्रदेश सरकार एक तरफ शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए तरह तरह की योजना बना रही है और उन योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए लाखो करोड़ों रुपए खर्च कर रही है फिर भी शिक्षा के क्षेत्र में अलख जलाने वाले सरकारी स्कूलों के संवारने वाले अतिथि शिक्षक लंबे अरसे से अपने भविष्य को लेकर धरना प्रदर्शन आंदोलन करते आए है।
इनको अनेकों बार शासन के मुखिया रहे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आश्वासन भी दिया गया पर इनकी स्तिथि कभी भी नही सुधारी और इनका भविष्य और इनकी आजीवका पर खतरा मंडराता रहा है।

2 सितंबर को लंबे संघर्ष के बाद उस समय के मुख्यमंत्री ने इनकी सुनी और इनकी महापंचायत भी बुलाई जिसमे प्रदेश के हजारों की संख्या में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षको को लगा कि उनके मांगे पूरी होंगी और उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा पर भविष्य तो सुरक्षित नही हुआ लेकिन कुछ हद तक पूर्व शिवराज सिंह ने महापंचायत में इनके पक्ष में घोषणाएं कर दी, जिसमे उनको 12 माह का वेतन, पूरे साल का अनुबंध,सैलरी वर्ग 1 को 18 वर्ग 2 को 14 ओर वर्ग 3 को 10 हजार देने की घोषणा के अलावा इन्हे परीक्षा में 50 प्रतिशत आरक्षण और विभागीय परीक्षा लेकर इनके नियमिति कारण की घोषणाएं की गई थी।
जिससे अतिथि शिक्षकों को अपने भविष्य और रोजगार की थोड़ी सी निश्चिंतता तो हुई थी परंतु वेतन वृद्धि के अलावा सभी घोषणाएं विधानसभा चुनाव के कारण ठंडे बस्ते में चली गई फिर क्या हुआ विधानसभा में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई और मोहन यादव मुख्यमंत्री बने इसके बाद लोकसभा में भी बीजेपी प्रचंड जीत हुई परंतु अतिथि शिक्षक आज भी अपने भविष्य को लेकर दर दर की ठोकरें खा रहा है।
प्रदेश के अतिथि शिक्षको ने नहापंचाय में हुई घोषणाओं को पूरी करने हेतु अनेकों बार ज्ञापन सौंपे और उनके भविष्य सुरक्षित करने की मांग को दोहराया परंतु पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की घोषणाओं को वह पूरा न करा सके जिससे काफी अतिथि शिक्षको को अपनी रोजी रोटी भी गवानी पढ़ी जिससे हताश होकर अनेकों अतिथि शिक्षको ने आत्महत्याएं भी की परंतु उनकी स्तिथि आज तक जस की तस है जिससे परेशान होकर अतिथि शिक्षको ने एक बार फिर आंदोलन की राह को चुना और भोपाल में डेरा डाल दिया है।
अतिथि शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी का कहना है की जब तक शासन जल्द से जल्द महापंचायत की घोषणाओं को पूरा नही करता और उनका भविष्य सुरक्षित नही करता तब तक डीपीआई भोपाल का घेराव जारी रहेगा क्योंकि जिसका स्वयं अपना भविष्य सुरक्षित नही वह किसी और का भविष्य कैसे बना सकते है।साथ ही उन्होंने शासन से मांग की है कि 2 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई महापंचायत की घोषणाओं को जल्द पूरा करते हुए उनकी विभागीय परीक्षा लेकर उनका नियमितीकरण कर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए।












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