दुल्हन के नहीं था मामा, बिना किसी जान पहचान के व्यापारी ने भरा लाखों का भात, दूल्हे को फोन भेंट किया
शिवपुरी, 25 नवंबर। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के गांव एजवारा में एक युवती की शादी में अनूठा भात (मायरा) भरा गया है। दुल्हन के मामा नहीं था। इसका फर्ज नोएडा के एक व्यापारी ने निभाया। व्यापारी लाखों रुपए के कपड़े, गहने व एक लाख रुपए नकदी लेकर शादी में पहुंचा।

इस शादी में भात भरने की सबसे खास बात यह है कि नोएडा के व्यापारी की युवती के परिवार से कोई रिश्ता नहीं था और ना ही कोई पुरानी जान पहचान। फिर भी व्यापारी ने युवती का मामा बनकर शादी में लाखों रुपए खर्च कर दिए।
पत्रिका की खबर के अनुसार गांव एजवारा के निवासरत थान सिंह यादव की बेटी की 21 नवंबर को शादी होनी थी। थान सिंह यादव की पत्नी के कोई भाई (दुल्हन के मामा) है। पिता (दुल्हन के नाना) तीस साल पहले घर छोड़कर चले गए और साधु बन गए।
शादी में ननिहाल पक्ष की ओर से कपड़े व आभूषण भेंट किए जाते हैं। इसी रस्म को भात भरना कहा जाता है। थान सिंह की बेटी की शादी के दिन नजदीक आने पर उनकी पत्नी को चिंता सता रही थी कि भात कौन भरेगा?
इसी उलझन में थान सिंह यादव की पत्नी अपने पिता को तलाश करती हुई उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर पहुंची। यहां की जेवर जगह के पास उसके पिता साधु पिता मिल गए। पिता ने दोहिती की शादी में भात भरने से असमर्थता जताई।
बाप-पिता की यह पूरी व्यथा वहां पास खड़े नोएडा के फुटवियर व्यापारी गोविंद सिंघल सुन रहे थे। बिन भाई की एक बहन को पिता के सामने आंसू बहाते देख गोविंद सिंघल ने तय किया वे इस बहन के घर भात लेकर जाएंगे।
फिर गोविंद सिंघल ने अपने फैसले के बारे में परिवार को बताया। सब खुश हुए। व्यापारी सिंघल व उसके परिवार ने एक लाख रुपए नकदी, नौ तौले सोने व एक किलो चांदी के आभूषण, दूल्हे के लिए एक स्मार्टफोन, परिवार व गांव की 350 महिलाओं के लिए साड़ी, सौ पुरुषों के लिए पेंट-शर्ट और प्रत्येक बाराती के गमछा उपहार स्वरूप लेकर पहुंचे। बिन भाई की बहन के घर व्यापारी भात लेकर पहुंचा तो हर किसी की आंखें भर आई।












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