Nimad Siyaram Baba: 'चमत्कारी संत' सियाराम बाबा का बिगड़ा स्वास्थ्य, जानें कौन हैं 117 वर्षीय राम भक्त?
Nimad Siyaram Baba Health News: निमाड़ के चमत्कारी संत के नाम से प्रख्यात संत सियाराम बाबा के भक्त उनके स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित हैं। 117 वर्षीय बाबा को तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के कारण तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे गांव तेली भट्याण में सियाराम बाबा रहते हैं। वो हमेशा रामभक्ति में लीन नजर आते हैं। रोजाना 21 घंटे रामायण का पाठ करते हैं। 100 साल की उम्र पार चुके संत आज भी बिना चश्मा लगाए हर अक्षर को आसानी से पढ़ लेते हैं। वहीं इतने उम्रदराज होने के बाद भी वो अपना काम स्वयं करते हैं। बाबा से मिलने बड़ी संख्या में भक्त दूर दराज से आते हैं।

फिलहाल बाबा सनावद के नाथूलाल मोरी अस्पताल में लगातार डॉक्टरों की देखरेख में हैं, जहां उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। उनके इलाज की देखरेख कर रहे डॉ. सुभाष मोरी ने बताया कि 29 नवंबर को भर्ती होने के बाद बाबा सियाराम दो दिन तक बेहोश रहे थे।
हालांकि, शुरुआती इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है। सियाराम बाबा ने 10 सालों तक खड़े रहकर तप किया है। इसी के साथ 12 साल तक मौन भी रहे हैं।
भक्तों की भीड़ इकट्ठा
वहीं अब बाबा सियाराम के अस्पताल में भर्ती होने की खबर उनके अनुयायियों में तेजी से फैल गई। अस्पताल के बाहर प्रार्थना और समर्थन के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं। बाबा सियाराम का प्रभाव पूरे देश में फैला हुआ है, लाखों भक्त नियमित रूप से उनके भट्याण आश्रम में आते हैं।
लोग विभिन्न प्रांतों से इस पूज्य संत से आशीर्वाद लेने आते हैं, जिनकी शिक्षाओं और चमत्कारों ने कई लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।
चमत्कारी चाय की केतली
संत सियाराम चाय से जुड़े एक अनोखे चमत्कार के लिए प्रसिद्ध हैं। भक्तों का दावा है कि चाहे कितने भी लोग उनके दर्शन के लिए आएं, उनकी छोटी केतली में चाय कभी खत्म नहीं होती। इस घटना ने उनके रहस्य को और बढ़ा दिया है और पिछले कुछ सालों में उनके अनुयायियों की संख्या और भी बढ़ गई है।
बाबा करुणा की विरासत
संत सियाराम की विरासत करुणा और निस्वार्थता पर आधारित है। उनके कार्यों ने पूरे भारत में अनगिनत लोगों को प्रेरित किया है। अस्पताल में उनके ठीक होने के बाद भक्त उनके शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य में लौटने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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करोड़ों रुपये कर चुके हैं दान
नर्मदा किनारे रहने वाले बाबा सियाराम धर्मशाला और मंदिरों के साथ नर्मदा नदी के लिए करोड़ों रुपये दान कर चुके हैं। इसी के साथ कहा जाता है कि वो किसी भी श्रद्धालु को 10 रुपए से ज्यादा का दान नहीं चढ़ाने देते हैं। वही सर्दी, गर्मी हो या फिर बरसात बाबा के तन पर कपड़े के नाम पर सिर्फ एक लंगोट होती है। वो लंगोट के अलावा तन पर कुछ भी धारण नहीं करते।
जानिए कौन हैं बाबा सियाराम?
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के नर्मदा तट पर भट्याण आश्रम में रहने वाले संत सियाराम बाबा भगवान हनुमान के परम भक्त हैं। वो लगातार रामायण, चरित्रमानस का पाठ करते हैं। बताया जाता है कि बाबा का जन्म मुंबई में हुआ था और उन्होंने 7-8वीं क्लास तक पढ़ाई भी की है।
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भक्तों के मुतबिक किसी संत के संपर्क में आने के बाद उनके मन में वैराग्य का विचार आया और उन्होंने घर त्याग कर तप के लिए हिमालय चले गए। हालांकि, उनके बाद का जीवन काफी रहस्यमयी है, जिसकी जानकारी शायद ही किसी के पास जानकारी हो।












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