Nagar Nikay Upchunav: चंबल-विंध्य में कमल तो खिला, लेकिन कांग्रेस ने भी की एंट्री, क्या रही हार-जीत की बड़ी वजह
Nagar Nikay Upchunav MP 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के 5 महीने पहले नगरीय निकाय उपचुनाव में बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर रही। महज 13 सीटों के उपचुनाव में बीजेपी एक सीट से आगे रही। वहीं चंबल और विंध्य क्षेत्र में कमल तो खिला लेकिन सतना में कांग्रेश की इंट्री से कार्यकर्ताओं को संजीवनी मिली है। चंबल के मुरैना वार्ड पार्षद में भाजपा की जीत हुई है। विंध्य के सतना वार्ड पार्षद पद पर कांग्रेस ने परचम लहराया तो वही जिले की कोटर और शहडोल के बुढ़ार सीट पर भाजपा ने कब्जा किया। प्रदेश में 13 में से 7 सीट पर बीजेपी, 6 सीट पर कांग्रेस जीती है।
चंबल और विंध्य क्षेत्रों के नतीजे कांग्रेस के लिहाज से ठीक नहीं रहे हैं। चंबल के मुरैना में कांग्रेस के हाथ से वार्ड 18 से पार्षद का पद छिन गया है। विंध्य क्षेत्र के नतीजे भी कांग्रेस के लिए निराशाजनक रहे हैं। शहडोल के बुढ़ार में वार्ड 11 से कांग्रेस को पार्षद का पद गवाना पड़ा यहां बीजेपी की जीत हुई है। तो वही सतना के कोटर के वार्ड 11 में भी भाजपा की जीत हुई है। कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर सतना नगर निगम क्षेत्र से सामने आई है। सतना के वार्ड 43 से पार्षद की जीत हुई है।

नगरीय निकाय उपचुनाव के नतीजों से यह भी स्पष्ट है कि विंध्य और चंबल क्षेत्र अभी भी बीजेपी का मजबूत गढ़ बना हुआ है। मुरैना, शहडोल और सतना में पार्टी की एकतरफा जीत से यह बात एक बार फिर साबित हुई है।
कांग्रेस के नजरिये से देखें तो नगरी निकाय उपचुनाव के नतीजे संतोषजनक रहे हैं। विंध्य क्षेत्र के सतना में कांग्रेस को मिली जीत की उम्मीद शायद पार्टी नेताओं ने भी नहीं की थी। इस क्षेत्र में प्रचार से भी पार्टी के बड़े नेता आम तौर पर दूर थे। इसके बावजूद कांग्रेस की कामयाबी इस बात का संकेत है। सतना नगर निगम महापौर चुनाव में हार के बाद भी उसका समर्थन बरकरार है। चंबल क्षेत्र जरूर अब भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है क्योंकि लाख कोशिशों के बावजूद पार्टी बीजेपी के इस गढ़ को भेदने में सफल नहीं रही है।












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