MP Weather Alert: 35 जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट, नदियां उफान पर, गांवों में घुसा पानी

MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में मानसून इस बार पूरे रौद्र रूप में है। जुलाई की शुरुआत होते ही राज्य के 35 जिलों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार, 9 जुलाई 2025 को रेड अलर्ट जारी करते हुए विदिशा, रायसेन, रीवा, सागर, मंडला और बालाघाट समेत 10 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, नरसिंहपुर, शहडोल और डिंडौरी जैसे जिले बाढ़ के संकट में हैं।

नरसिंहपुर के कौड़िया, जोराई और आसपास के गांव आधे से ज्यादा पानी में डूब गए हैं, सड़कों पर नावें चलने की नौबत आ गई है, और प्रशासन आपातकालीन मोड में आ चुका है।

MP Weather Alert Red alert for heavy rain in 35 districts many river Narmada in spate

बारिश नहीं, प्रलय जैसी बरसात

20 जून से शुरू हुए मानसून ने अब तक 14 इंच बारिश दर्ज की है, जो सामान्य से 74% अधिक है। अकेले पचमढ़ी में मंगलवार को 9 घंटे में 5 इंच बारिश हुई, जिससे नदियां-नर्मदा, सिंगरी, हिरण, पार्वती-सभी उफान पर हैं।

भोपाल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सीहोर, जबलपुर, सागर, हरदा और टीकमगढ़ जैसे जिलों में न केवल भारी बारिश हुई है, बल्कि बाढ़ की वजह से सड़कें ध्वस्त, पुल बह गए, और गांवों का संपर्क कट गया।

रेड अलर्ट: जान बचाने की चुनौती

IMD के अनुसार, जिन 10 जिलों में रेड अलर्ट है, वहां अगले 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। इनमें शामिल हैं: विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, रीवा, सिवनी, मंडला, सतना, बालाघाट।

यहां फ्लैश फ्लड, बिजली गिरने और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। साथ ही 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पचमढ़ी में 9 घंटे में 5 इंच बारिश, नदियां उफान पर

मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में मात्र 9 घंटे में 5 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो इस मानसून सीजन का सबसे तीव्र दौर रहा। नर्मदापुरम में 1.25 इंच, बैतूल और बालाघाट के मलाजखंड में 1 इंच, श्योपुर, छिंदवाड़ा, और दमोह में 0.75 इंच बारिश हुई। भोपाल, मंडला, नरसिंहपुर, हरदा, धार, रायसेन, टीकमगढ़, सीहोर, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, इंदौर, सिवनी, जबलपुर, और सागर जैसे जिलों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा।

नर्मदा नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण नरसिंहपुर में कई गांवों में पानी घुस गया। कौड़िया गांव में बाढ़ ने घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया, जबकि सिंगरी नदी में एक व्यक्ति, जाकिर खान, पुल पार करते समय बह गया, जिसे बाद में स्थानीय लोगों ने बचा लिया। भोपाल-सागर हाईवे पर बेगमगंज के पास परसारी नाला उफान पर होने से यातायात बाधित हुआ, और नरसिंहपुर में स्टेट हाईवे 22 पर एक पुलिया के ढहने से कई गांवों का संपर्क टूट गया।

मौसम विभाग का अलर्ट: 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

  • IMD ने बुधवार को 10 जिलों में अति भारी बारिश (115-204.4 मिमी) और 25 अन्य जिलों में भारी बारिश (64.5-115.4 मिमी) का अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट वाले जिले हैं:
  • विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सिवनी, मंडला, और बालाघाट।
  • इन जिलों में अगले 24 घंटों में 8 इंच तक बारिश की संभावना है, जिससे फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं:

  • भोपाल, सीहोर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, मैहर, मऊगंज, सीधी, और सिंगरौली।
  • इन जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) की आशंका है।
  • यलो अलर्ट वाले जिले जैसे इंदौर, उज्जैन, धार, बड़वानी, श्योपुर, और हरदा में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।

बाढ़ और सड़क बंद होने से जनजीवन प्रभावित

नरसिंहपुर में सिंगरी नदी और नर्मदा नदी के उफान पर होने से कई गांवों में पानी घुस गया। कौड़िया, जोराई, और अन्य गांवों में घरों और सड़कों पर पानी जमा हो गया। जबलपुर में हिरण नदी पर सलैया गांव के पास एक बाढ़ग्रस्त पुल पर दो ट्रक बह गए, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई। मंडला के बिछिया में बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया, जहां होम गार्ड की टीमों ने 70 से अधिक लोगों को बचाया। शिवपुरी और श्योपुर में कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि शहडोल में एक दीवार ढहने से एक बुजुर्ग दंपति की मृत्यु हो गई।

छिंदवाड़ा के हर्रई में एक नदी के ऊपर बने पुल पर पानी बहने से 10 गांवों का संपर्क टूट गया, और पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। सीहोर में पार्वती और पपनाश नदी के उफान पर होने से एक कार बाढ़ में फंस गई, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते बचा लिया। भोपाल में भारी बारिश से सड़कों पर जलजमाव हुआ, जिसने शाम के समय ट्रैफिक को अस्त-व्यस्त कर दिया।

राहत और बचाव कार्य तेज, प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं:

राहत शिविर: मंडला, डिंडौरी, और नरसिंहपुर में बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। मंडला के करिया और गंगौरा गांवों में SDERF और होम गार्ड की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।

डैम के गेट खोले गए: बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट और टीकमगढ़ में धसान नदी पर बने बनसुजारा डैम के 7 गेट खोले गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी को नियंत्रित किया जा सके।

सड़क और पुलों की निगरानी: नरसिंहपुर में ढह चुकी पुलिया और भोपाल-सागर हाईवे पर बाढ़ग्रस्त नालों की निगरानी के लिए टीमें तैनात की गई हैं। SDM सौरभ मिश्रा ने बताया कि भारी वाहनों के लिए सड़कें बंद कर दी गई हैं, और केवल दोपहिया वाहनों को सावधानी के साथ अनुमति दी जा रही है।

आपातकालीन सेवाएं: NDRF और SDRF की टीमें जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, और मंडला में तैनात हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को अलर्ट रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट किया, "मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित लोगों को राहत और बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जनता से अपील है कि सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें।"

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