MP News: नर्सिंग घोटाला- फर्जी कागज बनवाने पटवारियों को भी घूस देते थे CBI अफसर,गैंग की तरह चल रहा था गोरखधंधा
MP Nursing College News: मध्य प्रदेश की नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है अब तक की पड़ताल में यह सामने आया कि सीबीआई अधिकारी एक छात्र गैंग की तरह काम कर रहे थे। अफसर न केवल खुद घुस खा रहे थे बल्कि पटवारी को भी रिश्वत देकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 5 से ₹20000 में करीब दर्जन भर पटवारी ने कॉलेजों के पास जमीन होने की रिपोर्ट दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती है। तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग इस पूरे मामले पर बातचीत करने को तैयार नहीं है।

मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा में सीबीआई की ही अफसरों पर कार्रवाई होने के बाद इस मामले का दायरा बढ़ता जा रहा है। सीबीआई के चार अफसर द्वारा रिश्वत लेने और नर्सिंग कॉलेज को प्रयुक्त बताने के मामले में कमेटी में शामिल एक दर्जन से ज्यादा पटवारियों ने भी रिश्वत ली है। इन पटवारियों ने भी लाखों रुपए लेकर सीबीआई अफसर के साथ मिलकर फर्जीबाड़ा किया। कॉलेज के पास स्वयं की जमीन और अन्य सुविधाओं को लेकर पटवारी की रिपोर्ट भी इसमें महत्वपूर्ण मानी गई थी।
इस मामले में दिल्ली सीबीआई में दर्ज एफआईआर में यह स्पष्ट जिक्र किया गया कि कमेटी में शामिल पटवारी ₹5000 से लेकर ₹20000 तक लेते थे। उन्हें यह राशि सीबीआई के अफसर ही देते थे। इसरिश्वत के बदले में इन पटवारियों को कॉलेज के पक्ष में रिपोर्ट देना होती थी। जिसमें यह फर्जी तरह से यह बता देते थे कि कॉलेज के पास नियम अनुसार जमीन है। साथ ही उनका भवन और भवन में मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी अपनी रिपोर्ट देते थे। इसके बदले में 5000 से ₹20000 तक मिलते थे इन सभी से सीबीआई ने पूछताछ कर ली है।
इधर कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू
सीबीआई ने जिन कॉलेजों को हाई कोर्ट में उपयुक्त बताया था उन कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस संबंध में नर्सिंग काउंसिल ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है इसी महीने प्रवेश को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया सीबीआई अफसर द्वारा कैसे इन कॉलेजों को उपयुक्त बताया उसकी पोल खुलने के बाद अब तक प्रदेश की प्रक्रिया में फिलहाल रोक नहीं लग सकी है।इस संबंध में रजिस्टर अभिषेक दुबे ने बताया कि मामला कोर्ट में है 24 में को सुनवाई है। वहां से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा।
गौरखधंधा चल रहे थे आरोपी अफसर
सीबीआई के अफसर मिलकर यह पूरा गोरख धंधा किसी शातिर गैंग की तरह चल रहे थे। जिसमें सीबीआई अफसरों ने अपने दलाल भी रखे थे। दलाल इन अफसर को पैसा कलेक्ट कर कर देते थे ताकि सीबीआई या अन्य विजिलेंस की टीम को सीधे तौर पर शक ना हो सीबीआई अफसर की गैंग ने ग्वालियर रतलाम मंदसौर उज्जैन के कॉलेज की दलाली का जुम्मा जुगल किशोर शर्मा को सोफा था जबकि जुगल किशोर शर्मा के कहने पर अशोकनगर रोहित शर्मा कॉलेज संचालकों से पैसे वसूलते थे वहीं ओम गोस्वामी इंदौर धार खरगोन खंडवा तरफ दलाली का काम करता था इंदौर में मोहम्मद तनवीर खान पैसे इकट्ठा करने का काम करता था इसमें सोना भी लिया था तनवीर इंदौर के पटेल मोटर्स का सीईओ बताया जाता है। यह सभी सीबीआई के निरीक्षक राहुल राज्य को पैसा देते थे। राहुल राज ने अपने कुछ दोस्तों को भी इस गोरख धंधे में शामिल कर रखा था। राहुल राज यह रकम सभी में बांटा था। पटवारी को भी वही पैसा देता था।












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