MP मोहन कैबिनेट के फैसले: PM आवास जनमन योजना को मंजूरी, 23 जिलों के लिए प्रोजेक्ट का चयन
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने अपने चिकित्सा शिक्षा विभाग के भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन की घोषणा की है, जिससे पांच नए मेडिकल कॉलेज इसी साल से प्रारंभ होंगे। इसके लिए प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नई नियुक्तियों की आवश्यकता होगी।
इसके बारे में विवरण देते हुए सरकार ने नए भर्ती नियमों को पांच साल के लिए शिथिल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, एक नया लॉ कॉलेज भी आगर मालवा में खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की चौथी बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले किए गए है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चिकित्सा शिक्षा भर्ती नियमों में कई परिवर्तनों को मंजूरी मिली है। अब पांच साल के लिए जो पद पदोन्नत से भरे जा रहे थे, उन्हें इसके बजाय सीधी भर्ती से भरा जाएगा, खासकर प्रोफेसरों के पदों पर यह नियम लागू होगा।
इस नए पहलुओं के साथ, पांच नए मेडिकल कॉलेज का आरंभ हो रहा है, जिनमें सिवनी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर और सिंगरौली शामिल हैं। इन मेडिकल कॉलेजों के लिए 70 से 75 असिस्टेंट प्रोफेसर, 46 एसोसिएट प्रोफेसर, और 24 प्रोफेसर की आवश्यकता होगी, और इनके करीब 150 पदों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा। नए लॉ कॉलेज के लिए भी 30 नए पद सृजन किए जाएंगे और इसके लिए 2.19 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
इसी बैठक में सरकार ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 194 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना और संचालन के लिए स्वीकृति दी है। इन केन्द्रों के लिए वित्तीय स्वीकृति 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में होगी, जिनका निर्माण जनजातीय परिवेश को ध्यान में रखकर ग्राम पंचायतें करेंगी। इन केन्द्रों के संचालन के लिए कुल 15.70 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
उपरोक्त सभी निर्णयों के साथ ही, जनजातीय कार्य विभाग को 2023-24 से पीएम जनमन अन्तर्गत प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य जिलों में बहुउद्देशीय केन्द्र खोलने की मंजूरी दी गई है, जो 60 लाख रुपये के मान से निर्माण के लिए स्वीकृति प्राप्त करेगें।
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में बाबई मुहासा में नवकरणीय ऊर्जा के उपकरण बनाने के उद्योगों के लिए 230 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिससे इस क्षेत्र में नई रोजगार सृष्टि होगी।
अनौपचारिक चर्चा में तय हुआ कि 26 जनवरी को सभी मंत्री अपने-अपने गृह जिले में तिरंगा फहराएंगे और जो मंत्री अपने गृह जिले में नहीं हैं, वे अन्य जिलों से तिरंगा फहराने जाएंगे। इस सुझाव को मंजूरी दी गई है और इसके तहत चार मंत्री अपने गृह जिलों से बाहर के जिलों में ध्वजारोहण करेंगे।












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