MP News: नागपुर में एमपी के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और गृहमंत्री अमित शाह ने की चर्चा, जानिए मुलाकात के मायने
MP News: भारतीय जनता पार्टी के कुशल रणनीतिकार और मध्य प्रदेश सरकार के नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में नागपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इन दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद प्रदेशभर में कई तरह की अटकलें और चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दोनों ने कई देर तक विभिन्न मुद्दों पर आपस में चर्चा की। बता दे मध्य प्रदेश में नए डीजीपी का चयन होना है और नागपुर में भाजपा को कैसे बड़ी जीत, मिले इसे लेकर भी चर्चा की गई है।

कैबिनेट बैठक में विजयवर्गीय की गैरहाजिरी पर सवाल
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय से कैबिनेट की बैठकों में कैलाश विजयवर्गीय की गैरहाजिरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की माने तो विजयवर्गीय पिछले कुछ महीनों से कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, और इसकी वजह बताई जा रही है कि वह महाराष्ट्र में हो रहे विधानसभा चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। हालांकि, प्रदेश की सियासत के जानकारों का मानना है कि विजयवर्गीय की बैठक से गैरहाजिरी के पीछे शायद कुछ और वजह हो सकती है, जो अभी तक सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक अस्थिरता और विजयवर्गीय की भूमिका
मध्य प्रदेश में इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था में कुछ उथल-पुथल मची हुई है। हाल ही में नगरी प्रशासन के प्रमुख सचिव का ट्रांसफर किया गया था, जिसके बाद कई वरिष्ठ मंत्री कैबिनेट की बैठक में अनुपस्थित रहे। हालांकि, पार्टी की ओर से यह तर्क दिया गया कि सभी मंत्री महाराष्ट्र और झारखंड के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए बैठक में उनकी उपस्थिति संभव नहीं हो पाई।

इस बीच, विजयवर्गीय और अमित शाह की मुलाकात को लेकर यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मुलाकात का प्रशासनिक अस्थिरता से कोई संबंध है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि यह मुलाकात किसी बड़े सियासी फैसले की ओर इशारा कर रही है।
विजयवर्गीय की नागपुर में स्थाई उपस्थिति
कैलाश विजयवर्गीय को महाराष्ट्र में नागपुर का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, और वह पिछले दो महीनों से लगभग स्थायी रूप से नागपुर में निवास कर रहे हैं। विजयवर्गीय ने वहां सिविल लाइंस में किराए पर एक फ्लैट लिया है, और अब वह अपनी अधिकांश जिम्मेदारियां वहीं से निभा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, विजयवर्गीय ने नागपुर में अब तक करीब 400 छोटी-बड़ी बैठकों का आयोजन किया है और कई समाजों से भी मुलाकात की है। इसके अलावा, उन्होंने वहाँ के चुनाव प्रचार और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए कई सभाएं भी संबोधित की हैं। विजयवर्गीय का यह कदम यह भी दर्शाता है कि वह चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए नागपुर में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
विजयवर्गीय की भूमिका और सियासी भविष्य
कैलाश विजयवर्गीय की नागपुर में सक्रियता और उनकी अमित शाह से मुलाकात प्रदेश की सियासत में नए सवालों को जन्म दे रही है। विजयवर्गीय, जो कि मध्य प्रदेश में नगरी प्रशासन मंत्री हैं, अब महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे हैं। उनकी यह रणनीति और अमित शाह के साथ हुई मुलाकात यह संकेत देती है कि वह भाजपा के सियासी महासमर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
प्रदेश में गृहमंत्री नहीं
बता दे मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गृह विभाग अपने पास रखा है। वरिष्ठ पत्रकार लखन गुरु का मानना है कि अगर नागपुर में मिली जिम्मेदारी पर कैलाश विजयवर्गीय खरे उतरे तो उन्हें प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। यानी नागपुर की सभी सीटें भाजपा और महायुति जीतने में कामयाब रही तो विजयवर्गीय को प्रदेश सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।












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