MP: सरकार ने कोरोना बजट किया बंद, सैंपलिंग ठप्प, वायरोलाॅजी लैब में जांचे अटकी
सागर, 18 सितंबर। मप्र सरकार ने कोरोना बजट को लेकर कटौती शुरु कर दी है। कोरोना जांच के लिए मेडिकल काॅलेजों में दिए जाने वाले बजट व सामग्री को बंद कर दिया गया है। नतीजा वायरोलाॅजी लैब में जांचें लगभग बंद ही हो गई हैं। सागर संभाग सहित बुंदेलखंड मेडिकल काॅलेज में कोरोना की रुटीन सैंपलिंग अघोषित रुप से बंद कर दी गई है। केवल बहुत ही गंभीर मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इधर वायरोलाॅजी लैब में किट के अभाव में काफी सारे सैंपल पेडिंग हो गए हैं।

मप्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अधीन सीएमएचओ व मेडिकल काॅलेजों में वायरोलाॅजी लैब को दिया जाने वाला बजट बंद कर दिया है। इसका सीधा असर कोरोना जांचों पर पड़ा और सैंपलिंग से लेकर कोरोना की जांचे एकदम से कम कर दी गई हैं। जहां सैकड़ों सैंपल रोज लिए जाते थे, वहंा इक्का-दुक्का सैंपल ही लिए जा रहे हैं। ओपीडी, फ्लू ओपीडी स्टाफ को स्पष्ट बोल दिया गया है, जब तक मरीज की स्थिति गंभीर न हो या बहुत जरुरी न हो उसका कोरोना आरटीपीसीआर सैंपल न कराया जाए। बात यदि बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय की करें तो यहां पूरे संभाग में नाममात्र की कोविड सैंपलिंग की जा रही है। जरूरत होती भी है तो आरटीपीसीआर की जगह एंटीजन टेस्ट करा दिया जाता है।

बुंदेलखंड मेडिकल काॅलेज में करीब 90 लाख रुपए महीने का बजट था
बुंदेलखंड मेडिकल काॅलेज में कोरोना जांच व विभिन्न संसाधनों के लिए करीब 90 लाख रुपए महीने का बजट आवंटित होता था। हालांकि यह बजट सीधे तौर पर नहीं दिया जाता था। बीएमसी के वायरोलाॅजी लैब प्रभारी की तरफ से इंडेंट कर डिमांड बनाकर शासन को भेज दी जाती थी। उस संबंधित सामग्र्री, जांच किट व इसमें उपयोग होने वाली सामग्री की खरीदी कर शासन की तरफ से चंद रोज में मेडिकल काॅलेज को उपलब्ध करा दी जाती थी। यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में लागू थी। जिसे अब बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधीन सीएमएचओ व कलेक्टर स्तर पर यह बजट दिया जाता था, लेकिन दोनों विभागों को बजट देना बंद कर दिया गया है।
मेडिकल काॅलेज रेग्युलर बजट से कराएगा कोविड जांचे
प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर अपने लैब के रेग्युलर बजट से वायरोलाॅजी लैब को कोविड जांच व उपचार के लिए आरटीपीसीआर किट, एंटीजन किट, रिएजेंट, अन्य सामग्री सहित अस्पताल में लगाने वाली दवाएं व आवश्यक सामग्री की खरीदी करें। इसके बाद बीएमसी प्रबंधन ने इसको लेकर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। वायरोलाॅजी लैब के नोडल अधिकारी डाॅ. सुमित रावत ने लैब के लिए आवश्यक सामग्री की डिमांड बनाकर काॅलेज प्रबंधन को सौंप दी है, ताकि काॅलेज स्तर पर खरीदी की जा सके।
शासन ने कोविड का बजट बंद कर दिया है
यह सही है कि सरकार ने कोविड जांच के लिए वायरोलाॅजी लैब सहित अन्य इकाईयों को जो अलग से कोविड बजट दिया जाता था, उसे बंद कर दिया गया है। सैंपलिंग कम तो हुई हैं, बंद नहीं हुई हैं। हम सेंट्रल लैब व काॅलेज के बजट से कोरोना की जांच के लिए वायरोलाॅजी लैब को सामग्री खरीदकर देंगे। मरीजों की जांच व इलाज में बजट के कारण दिक्कत नहीं आएगी।
- डाॅ. आरएस वर्मा, डीन, बीएमसी सागर












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