Damoh: बुजुर्ग की जान बचाने एंबुलेंस की तरह दौड़ी बस, अस्पताल पहुंचने से पहले थम गई सांसें
सागर, 10 सितम्बर। मप्र के दमोह में चलती बस में एक बुजुर्ग की तबियत अचानक खराब हो गई। पहले से बीमार चल रहे बुजुर्ग सीट पर ही बेहोश हो गए, तो परिजन ने संभाला और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी थी। कंडक्टर ने मरीज की स्थिति और मौके की नजाकत को समझते हुए बस को एंबुलेंस की तर्ज पर दौड़ाया और बस स्टैंड के बजाय बस को सीधे जिला अस्पताल परिसर में ही ब्रेक लगाए। यहां आनन-फानन में बुजुर्ग मरीज को अस्पताल की कैजुअल्टी में पहुंचाया गया, डाॅक्टरों के कुछ करने से पहले ही बुजुर्ग की सांसें थम चुकी थीं।

दमोह जिले के हटा इलाके के रोना गांव निवासी 70 वर्षीय खरगा पिता कमोदा चौधरी अपने छोटे भाई व अन्य परिजन के साथ दमोह आने के लिए बस में सवार हुए थे। वे पहले से बीमार थे और चैकअप के लिए ही दमोह आ रहे थे। घर से निकलते वक्त और बस में बैठते वक्त तक सब ठीक था। चलती बस में बनगांव और मुड़िया गांव के बीच में खरगा चौधरी की तबियत एकदम से गड़बड़ होने लगी। वह बेहोश हो गए। उनके परिजन से उन्हें संभाला और एक सीट पर लिटा दिया और हाथ-पैर मलने लगे। एकदम से बस में एक व्यक्ति की तबियत गंभीर होने से बाकी सवारियों ने भी मदद करने के प्रयास किए। कंडक्टर ने बस को जल्द से जल्द सीधे जिला अस्पताल ले चलने के लिए बोला तो वह भी तैयार हो गया। मौके की नजाकत को देख सबने सहयोग किया और बस को एंबुलेंस की तरह सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बस में ही थम चुकी थीं सांसे
बुजुर्ग खरगा चैधरी को लेकर जिला अस्पताल परिसर पहुंची बस से लोगों की मदद से उन्हें उतारकर स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल की कैजुअल्टी लेकर पहुंचे थे। यहां ड्यूटी पर मौजूद डाॅक्टरों ने उनका परीक्षण किया तो उनकी नब्ज, हार्टबीट, पल्स सबकुछ थम चुका था। ईसीजी में भी कुछ नहीं आया। डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक खरगा के भाई ने बताया कि उनके भाई कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें दमोह इलाज कराने लाए थे। ठीक होने के बाद घर ले गए थे। कुछ दिक्कतें हो रही थीं, इसलिए दोबारा चेक कराने ला रहे थे। बस में अचानक से वे बेहोश हो गए थे। इसकी जानकारी कंडक्टर को दी थी, इसलिए वे बस से ही अस्पताल लेकर आ गए।












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