क्रांति के महानायक तात्या टोपे को CM मोहन यादव ने किया याद, बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1857 की क्रांति के महानायक तात्या टोपे जी के बलिदान दिवस पर उन्हें याद करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दी। सीएम यादव ने इस दौरान कहा कि आप जैसे यशस्वी सपूत के कार्य एवं विचार सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने ऑफिशियल 'X' हैंडल पर लिखा, मां भारती के पैरों में पड़ी परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जीवन अर्पित कर देने वाले 1857 की क्रांति के महानायक तात्या टोपे जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

इतना ही नहीं, सीएम यादव ने आगे लिखा कि मातृभूमि के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए प्राणोत्सर्ग करने वाले आप जैसे यशस्वी सपूत के कार्य एवं विचार सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। आपको बता दें कि आजादी की लड़ाई शुरू करने वाले कई बड़े नामों में एक नाम तात्या टोपे का भी है।
तात्या टोपे ने न केवल 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी थी, बल्कि पूरे देश में आजादी की चेतना जगाने का काम भी किया था। गुलामी को अपनी तकदीर मान चुकी देश की जनता को यह बताया कि आजादी क्या होती है? और उसे हासिल करना कितना जरूरी है। तात्या टोपे का असली नाम रामचंद्र पाण्डुरंग टोपे था।
तात्या टोपे ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों से जमकर लोहा किया था। उन्होंने 18 जून, 1858 को महारानी लक्ष्मीबाई की वीरगति के बाद गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई, एमपी के गुना जिले के चंदेरी, ईसागढ़ समेत शिवपुरी जिले के पोहरी, कोलारस के वनों में गुरिल्ला युद्ध करने की कई कथाएं स्थानीय लोगों में आज भी प्रचलित हैं।
सात अप्रैल 1859 को उनको शिवपुरी-गुना के जंगलों में नींद में धोखे से पकड़ लिया गया। 18 अप्रैल, 1859 की शाम ग्वालियर के निकट तात्या टोपे को फांसी दे दी गई थी।












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