MP BJP: आचार संहिता लागू होने के पहले क्यों जारी हुई बीजेपी प्रत्याशियों की पहली सूची, जानिए वजह
MP BJP: मध्य प्रदेश में बीजेपी ने एक बार फिर सरप्राइज दिया। विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने में बाजी मार ली। वो भी चुनाव कार्यक्रम की अधिकृत घोषणा होने के पहले। 39 कैंडिडेट्स में अधिकांश उन विधानसभा क्षेत्रों के हैं, जहां कांग्रेस का कब्ज़ा हैं।
एमपी में 4 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हैं। इसके दो-चार दिन बाद यानि 6 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच कभी भी आचार संहिता लागू होने की संभावना हैं। मतदान और आचार संहिता के बीच लगभग डेढ़ से दो माह का अंतराल अक्सर देखा गया हैं।
बीजेपी मुख्यालय से जारी बीजेपी प्रत्याशियों की पहली सूची पर यदि गौर करें तो सबसे ज्यादा कैंडिडेट चंबल संभाग के हैं। भोपाल, महाकौशल, बुंदेलखंड, मालवा अंचल से जिन विधानसभा क्षेत्रों से प्रत्याशी घोषित किए गए। वो पार्टी के लिए कमजोर सीटें मानी जाती हैं। वर्तमान में जबलपुर की पूर्व और बरगी विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्ज़ा हैं।

कुछ इसी तरह का हाल बुंदेलखंड, विंध्य में भी नजर आता हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो बीजेपी खतरे वाली इन सीटों पर अभी से प्रत्याशियों को उतारकर अपने पक्ष में माहौल बनाने का भरपूर वक्त देना चाहती हैं। क्योकि 2018 के चुनाव में जिन सीटों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, वहां एंटी इंकम्बेंसी बड़ी वजह बना। पहले की गई तमाम गलतियों को समेटकर नई रणनीति के साथ प्रत्याशी मैदान में नजर आएंगे।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के करीब डेढ़ माह पहले जारी इस पहली लिस्ट में शामिल कैंडिडेट्स में अधिकांश या तो पिछला चुनाव हारे उम्मीदवार हैं, या फिर उनके परिवार से ही पत्नी, बेटे या रिश्तेदार को उम्मीदवार बनाया गया हैं। यह भी उस बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं। चुनाव घोषित होने तक इन उम्मीदवारों को लेकर पार्टी के अंदर यदि कोई असंतुष्ट हो तो उसे वक्त रहते संभाला जा सकें। सूत्र बताते है कि इस पहली सूची को लेकर स्थानीय स्तर पर यदि ज्यादा विरोध की स्थिति बनी तो प्लान बी भी तैयार हैं।












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