MP News: मूंग फसल से किसानों को होगा लाखों का फायदा, बस करना होगा ये काम
मध्यप्रदेश में कृषि वैज्ञानिक के अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल में उन्नत किस्म, बीजोपचार व उन्नत तकनीक का उपयोग कर 10-12 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उत्पादन कर सकते हैं। उन्नत किस्में, बीज दर व उपयुक्त समय.उन्नत किस्में आईपीएम-205-7 (विराट), आईपीएम-410-3 (शिखा), एमएच-421, पीडीएम-139, आईपीएम-302-2 (कनिका), केएम-2342 (आजाद मूंग-1) हैं। बीज दर 25 किग्रा प्रति हैक्टेयर रखें।
कृषि वैज्ञानिक के अनुसार उपयुक्त समय 31 मार्च तक बीज उपचार पीला मोजेक रोग के नियंत्रण के लिए बुवाई पूर्व बीजोपचार थायोमिथाक्जाम 30 एफएस मात्रा 10 मिली प्रति किलो बीज या इमिडाक्लोप्रिड 48 एफएस मात्रा 1.25 मिली प्रति किलो बीज के हिसाब से करें।

रोग का प्रकोप दिखते ही ग्रसित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें। मूंग की फसल के आसपास भिंडी, बैंगन व टमाटर की खेती न करें। सिंथेटिक पाइराथ्राइट्स कीटनाशक का उपयोग न करें। शुरुआती अवस्था में ही थायोमिथाक्जाम 25 डब्ल्यूजी या एसिटामिप्रिड 20 एसपी मात्रा 60 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
कृषि वैज्ञानिक के अनुसार खाद व उर्वरक मूंग उत्पादन के लिए प्रति हैक्टेयर 20 किग्रा नत्रजन, 50 किग्रा फॉस्फोरस, 20 किग्रा पोटाश की आवश्यकता रहती है। इसमें डीएपी 108 किग्रा, एमओपी 33 किग्रा या एनपीके 12:32:16-156 किग्रा या एनपीके 20:20:0:13-250 किग्रा व एमओपी-34 किग्रा प्रति हैक्टेयर का उपयोग करें। कीट नियंत्रण रसचूसक कीट नियंत्रण के लिए फिप्रोनिल एससी मात्रा 150 मिली प्रति हैक्टेयर या फिप्रोनिल 40 प्रतिशत डब्ल्यूजी + इमिडाक्लोप्रिड 40 प्रतिशत डब्ल्यूजी मात्रा 150 ग्राम प्रति हैक्टेयर या एसीटामिप्रिड 20 एसपी 125 ग्राम प्रति हैक्टेयर।
इल्ली नियंत्रण के लिए नोवाल्यूरॉन 5.25 प्रतिशत एससी + इन्डोक्साकार्ब 5.50 प्रतिशत एससी मात्रा 850 मिली प्रति हैक्टेयर या इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत + लूफीन्यूरॉन 40 प्रतिशत मात्रा 75 ग्राम प्रति हैक्टेयर या क्लोरेंट्रानीलीप्रोल 9.5 प्रतिशत + लेम्डासाएलोथ्रिन 4.65 प्रतिशत मात्रा 200 मिली प्रति हैक्टेयर या ब्रोफलानिलिडे 300% एससी मात्रा 42-62 ग्राम प्रति हैक्टेयर। सब्जी फसलों में टमाटर, मिर्च में रसचूसक कीट माहो, मच्छर एवं लीफ कर्ल रोग के नियंत्रण के लिए थायोमिथाक्जाम 25 डब्ल्यूजी या एसिटामिप्रिड 20 एसपी की मात्रा 50 ग्राम प्रति एकड़ या फिप्रोनिल 5 प्रतिशत मात्रा 100 मिली प्रति एकड़ एवं घुलनशील सल्फर 80 प्रतिशत मात्रा 300 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
टमाटर में फलछेदक कीट नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी 1 ग्राम प्रति 2 लीटर पानी या स्पाइनोसेड 45 प्रतिशत एस.सी. 1 मिली प्रति 4 लीटर पानी की दर से उपयोग करें। टमाटर में झुलसा रोग नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। लहसुन एवं प्याज में थ्रिप्स कीट नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 50 ईसी 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें। बैंगनी धब्बा रोग नियंत्रण के लिए कॉपरऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें। मिर्च में फल बिगलन रोग नियंत्रण के लिए मैन्कोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें। मिर्च में डैम्पिंग रोग नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें।
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