जिस थानेदार को मरा समझ लिया गया था, वो 40 साल बाद मिला जिंदा, SI की रहस्यमयी वापसी का VIDEO
Missing Cop Found Alive After 40 Years,: मध्य प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान भी है और भावुक भी। पुलिस का वह थानेदार (एसआई) 40 साल बाद जीवित मिला है, जिसे उसके परिजन मरा हुआ मान चुके थे। वर्षों तक उसकी कोई खोज-खबर नहीं मिली थी। लेकिन अब जब वह अचानक अपने परिवार से मिल गया, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगा।
इस अद्भुत मानवीय कहानी को मध्य प्रदेश पुलिस के डीएसपी संतोष पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो के साथ साझा किया। वीडियो में एसआई अपनी बहू और बेटे से मिलते नजर आ रहे हैं, और उनके चेहरे पर मुस्कान, आंखों में नमी और दिल में सालों की पीड़ा साफ झलक रही है।

पत्नी की मौत के बाद गुम हुए थे, आश्रम में काट दी ज़िंदगी
मूल रूप से पन्ना एमपी के रहने वाले व वर्तमान में एमपी पुलिस में ग्वालियर बेहट एसडीओपी संतोष पटेल ने बताया कि यह बुजुर्ग, जो कभी थानेदार थे, बेहद उम्दा फुटबॉल खिलाड़ी भी थे। लेकिन पत्नी की मौत के बाद वे मानसिक रूप से टूट गए और एक दिन घर से चले गए। परिवार के लोगों ने खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला। समय के साथ परिजनों ने उन्हें मरा हुआ मान लिया।
दरअसल, वह थानेदार एक आश्रम में रह रहे थे, जहां वो रात में गेट पर पहरा देते थे, और सुबह-सुबह वहां आने वाले लोग उन्हें सलाम करते थे। आश्रम की संचालिका ने बताया कि उन्होंने कभी अपना नाम या अतीत उजागर नहीं किया।
सोशल मीडिया ने मिलाया बिछड़ा परिवार
मामले में टर्निंग पॉइंट तब आया, जब बैतूल के रहने वाले रवि त्रिपाठी ने एक बुजुर्ग का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। किसी ने उस वीडियो को एसआई के बेटे तक पहुंचाया। शक हुआ, जांच की गई और फिर पुष्टि हो गई। वो बुजुर्ग कोई और नहीं बल्कि गोंड आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले वही एसआई थे, जो 40 साल पहले लापता हुए थे।
बेटे की आंखों में आंसू
एसआई के बेटे और बहू ने उन्हें पहचान लिया। बेटा भावुक होकर बोला-"मैंने मान लिया था कि पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। मां की पहले ही मौत हो गई थी। अब जब पिताजी को सामने देखा, तो यकीन ही नहीं हुआ। यह किसी जन्म का पुण्य है जो वो फिर मिल गए।"
डीएसपी ने मुस्कुराते हुए बेटे से पूछा-"क्या 40 साल बाद भी पहचान पाए?" तो बेटे ने टॉपी उतारते हुए कहा-"देखिए, बाल मेरे भी झड़ चुके हैं...अब शक्ल भी एक जैसी है।"
बेटे के साथ उनकी पत्नी संगीता भी थी। उन्होंने कहा-"मेरी शादी 2000 में हुई थी। तब सास गुजर चुकी थीं और ससुर के बारे में किसी को कुछ नहीं पता था। अब जब वो मिल गए हैं, तो हम दोनों मिलकर इनकी सेवा करेंगे, यही हमारा सौभाग्य होगा।"
अभी भी अनसुलझे हैं कई सवाल
हालांकि डीएसपी संतोष पटेल ने यह खुलासा नहीं किया कि एसआई पिछले 40 वर्षों में कहां-कहां रहे, उन्होंने पहचान क्यों छुपाई, और आखिर क्यों उन्होंने कभी संपर्क नहीं किया। लेकिन इस दृश्य को देखकर यह जरूर लगा कि पिता-पुत्र का मिलन सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जीवन की सबसे कीमती कविता है, जो शायद अब पूरी हो पाई।












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