प्रोफेसर पत्नी ने डॉक्टर पति को करंट लगा मारा, फिर शव के साथ दो दिन किया ये काम

छतरपुर, 8 मई। मध्य प्रदेश के छतरपुर में मेडिसिन विशेषज्ञ की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महाराजा कॉलेज की प्रोफेसर पत्नी ने अवैध संबंधों के शक में पति को करंट लगाकर मार दिया। अब तो हर कोई इसे हादसा मान रहा था वो अब हत्या का मामला निकला है, जिसकी हकीकत जानकार सब हैरान रह गए। छतरपुर पुलिस ने मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक की हत्या के आरोप में प्रोफेसर पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में वह शुरुआत में तो गुमराह करती रही। फिर सख्ती बरतने पर सच उगल दिया।

Medicine Specialist Dr. Neeraj Pathak Murder Case Chhatarpur Professor wife Mamta Pathak arrested

खुद ही पहुंची पुलिस थाने में

छतरपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि लोकनाथ पुरम निवासी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक की पत्नी प्रोफेसर ममता पाठक ने एक मई को खुद ही पुलिस थाने पहुंचकर पति की मौत की खबर दी थी। उसने बताया कि करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस पड़ताल की तो हकीकत कुछ और ही सामने आई।

हत्या कर शव को घर में रखा

पुलिस पूछताछ में प्रोफेसर ममता ने एक वीडियो देखा था जिसमें बताया गया था कि खाने में जहर देने के बाद यदि दो दिन तक शव को रखा रहने दिया जाए तो पोस्टमार्टम में जहर सामने नहीं आता है। उसने 29 अप्रैल को डॉ. पाठक की हत्या कर शव को घर में रखा। ताकि नींद की गोलियां खिलाने के साक्ष्य न मिल पाएं। पुलिस ने आरोपी पत्नी के कब्जे से करंट लगाने में उपयोग किया गया। एक्सटेंशन बोर्ड और शेष नींद की गोलियां बरामद कर ली गई है।

20 साल से चल रहा था विवाद

पुलिस पूछताछ में पता चला कि डॉ. नीरज पाठक और उनकी प्रोफेसर पत्नी ममता पाठक में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था। प्रोफेसर पत्नी को शक था कि उनके डॉक्टर पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं। इसलिए वे रात के समय उसे नींद का इंजेक्शन देकर सुला देते थे। जबकि डॉक्टर का तर्क था कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब रहने से उसे नींद नहीं आती इसलिए इंजेक्शन देकर सुला देता हूं।

पूर्व में हो चुकी है शिकायत

इसी विवाद के चलते बीते कई सालों में ममता पाठक ने संबंधित थाना, छतरपुर एसपी, सागर आईजी, भोपाल में डीजीपी तक से शिकायत करते हुए डॉ नीरज पाठक पर अन्य महिला से संबंध रखने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की शिकायत की। लेकिन जांच के दौरान मामला बेबुनियाद पाया गया था। जिला अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ डॉ नीरज पाठक अपनी प्रोफेसर पत्नी से विवाद के कारण परेशान रहते थे। दो साल पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था।

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