मध्य प्रदेश में BSP और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मिलकर लड़ेंगे चुनाव, कौन कितनी सीट पर करेगा दो-दो हाथ
MP Elections 2023: मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर नित नए समीकरण बनते बिगड़ते देखे जा रहे हैं। AAP भी ताल ठोंक रही है। इस बीच बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने रविवार को मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ने का फैसला किया। जहां बसपा 178 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, वहीं गोंगपा 52 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

मध्यप्रदेश से पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भी बीएसपी और गोंगपा का गठबंधन हो चुका है। यहां 90 सीटों में से 41 फीसदी सीटों पर गोंगपा चुनाव लड़ेगी। यानी 53 सीटों पर बीएसपी और 37 सीटों पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अपने प्रत्याशी उतारेगी।
मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में आदिवासी सभी दलों के टारगेट पर हैं। पिछले चुनाव में आदिवासी सीटों पर कांग्रेस को बड़ा फायदा हुआ था। बीजेपी जहां आदिवासी वर्ग को लुभाने की लगातार कोशिशें कर रही है तो कांग्रेस के नेता आदिवासियों में कांग्रेस का डीएनए बता रहे हैं। इस बीच विधानसभा चुनाव में दमखम दिखाने के लिए एमपी में बीएसपी ने राजनैतिक गठजोड़ कर लिया है। इस गठबंधन से राजनैतिक समीकरण भी बदल जाएंगे।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी अब तक 16 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। सबसे पहले बीएसपी ने 10 अगस्त को सात उम्मीदवार घोषित किए थे। इनमें छतरपुर की राजनगर से रामराज पाठक, सतना की रैगांव से देवराज अहिरवार, सतना की रामपुर बघेलान से मणिराज सिंह पटेल, रीवा के सिरमौर से विष्णुदेव पांडे और सिमरिया से पंकज सिंह को मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा क्षेत्र से बलवीर सिंह दंडोतिया, निवाड़ी से अवधेश प्रताप सिंह राठौड़ उम्मीदवार घोषित किया गया था।
गुरुवार को जारी की गई सूची में बीएसपी ने 9 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें बैरसिया से विश्राम सिंह बौद्ध, सीहोर से कमलेश दोहरे, सोनकच्छ से डॉ. एसएस मालवीय, घट्टिया से जीवन सिंह देवड़ा, गुन्नौर से देवीदीन आशु, चंदला से दीनदयाल(डीडी) अहिरवार जबलपुर पूर्व से बालकिशन चौधरी, अमरपाटन से छन्गे लाल कोल, भिंड से रक्षपाल सिंह कुशवाह, को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस बीजेपी से टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं को अपने दल से निराशा मिलने के बाद बीएसपी सबसे मुफीद दल है। खासकर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे इलाकों में बीएसपी का अच्छा खासा प्रभाव है। विंध्य, बुंदेलखंड और चंबल में बीएसपी के पास अच्छा जनाधार है।












Click it and Unblock the Notifications