अजब-गजब: ट्रामा सेंटर में इलाज कराने पहुंचे 'भगवान श्रीकृष्ण', डॉक्टर ने चैकअप कर बताया स्वस्थ्य हैं
कहते हैं भगवान भक्तों के वश में होते हैं... ईश्वर भक्त की भक्ती और आस्था की परीक्षा भी लेते है! दतिया में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब जिला अस्पताल में रात के समय भगवान भक्त की गोद में बैठकर इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। दरअसल एक घर में पूजा के दीपक से मंदिर में आग लग गई। मंदिर में बाल रूप में विराजे 'कन्हैया' की प्रतिमा आग की चपेट में आ गई थी, जिसे महिला अपने पति के साथ इलाज कराने ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची थी।

दतिया जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक महिला अपने पति के साथ बदहवाश सी पहुंची थी, उसके हाथ में कपड़े में लिपटे कृष्ण कन्हैया की प्रतिमा मौजूद थी। महिला उन्हें मासूस बच्चे की तरह दुलार रही थी, उसने रोते हुए कन्हैया की मूर्ति को डॉक्टर के हाथों में सौंपते हुए कहा कि ये आग में झुलस गए हैं, इनको देखिए इनका इलाज कीजिए। डॉक्टर कुछ समय तो अवाक रहे, बाद में घटना सुनने के बाद उन्होंने भगवान का इलाज कर उन्हें महिला को सौंपकर बताया कि वे एकदम ठीक हैं।
दरअसल मध्य प्रदेश के दतिया जिला अस्पताल में बीती रात डॉ. आशुतोष आर्य ट्रामा सेंटर में ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान जिले के पडरी गांव से संजनी यादव अपने पति विनोद यादव के साथ घबराई थी अस्पताल पहुंची थी। उसके हाथ में लाल कपड़े में भगवान लड्डू गोपाल की प्रतिमा थी। संजनी रो रही थी। डॉक्टर आर्य ने पूछा तो उसने बताया कि घर के मंदिर में दीपक जलाया था। मंदिर में पूजा के बाद ध्यान हट गया और जलतते हुए दीपक से मंदिर में आग लग गई। आग की लपटों की चपेट में भगवान श्रीकृष्ण के बाल विग्रह आ गए थे। वे काले पड़ गए थे। घर में देशी उपचार किया। बाद में पति के साथ इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए हैं।
डॉक्टर से बोलीं: मेरे प्रभु जल गए हैं। इन्हें देख लो...
जिला अस्पताल दतिया में इमरजेंसी यूनिट में मौजूद ड्यूटी डॉक्टर आशुतोष आर्य ने महिला के हाथ से लड्डू गोपाल को अपने हाथ में ले लिया। इस दौरान महिला लगातार कह रही थी मेरे प्रभु जल गए हैं, इन्हें देख लो... डॉ. आर्य ने भगवान की प्रतिमा को टेबल पर रखकर उनका बड़े आत्मीय भाव से चैकअप किया। फिर बाद में उनके शरीर पर मलहम लगाकर वापस महिला के हाथ में सौंप दिया। उन्होंने महिला को बताया कि चिंता न करें आपके कन्हैया बिलकुल स्वस्थ्य हैं। तब कहीं महिला की जान में जान आई और उसका मन शांत हुआ व आंखों से आंसू बंद हुए।
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महिला की भक्ति और आस्था का मामला था, भगवान का चैकअप भी किया था
मेरे जीवन में पहली दफा इस तरह का वाक्या सामने आया है। संजना पत्नी प्रमोद यादव अपने साथ भगवान लड्डू गोपाल की प्रतिमा लेकर आईं थीं। वे घबराई और पसीना-पसीना हो रहीं थीं। उन्होंने बताया कि मेरे प्रभु जल गए हैं। उनकी तसल्ली के लिए भगवान का चैकअप कर मलहम भी लगाई। यह आस्था और विश्वास का मामला था। मेरे जीवन का सबसे बड़ा मामला है, जब कोई भगवान की प्रतिमा को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया।
- डॉ. आशुतोष आर्य, ड्यूटी डॉक्टर, ट्रामा सेंटर दतिया मप्र












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