Lok Sabha Election: जो करेगा आदिवासी हित की बात, जयस देगा उसका साथ, अध्यक्ष ने दिए संकेत
Lok Sabha Election को लेकर हलचल तेज है, जहां अब BJP और कांग्रेस के साथ क्षेत्रीय राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों ने भी मैदान संभाल लिया है। मध्य प्रदेश में आदिवासी हित की बात करने वाले संगठन जयस यानी जय आदिवासी युवा संगठन की ओर से लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है, जहां जयस प्रदेश की कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकता है.
वन इंडिया हिंदी के साथ खास बातचीत करते हुए जायस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने प्रदेश की कुछ लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने के संकेत दिए हैं। साथ ही उन्होंने BJP और कांग्रेस दोनों ही दलों को अल्टीमेटम दिया है।

जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने बताया कि, हम पिछले 11 सालों से जिन मुद्दों की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं, पांचवी अनुसूची को लेकर हो या ग्राम सभा के विस्तारीकरण को लेकर, जल जंगल जमीन को बचाने के लिए जो मुद्दे हैं, हम उन मुद्दों के साथ हैं। लोकसभा चुनाव में हम चुनिंदा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतरेंगे, और कुछ सीटों पर हमारी विचारधारा के जो व्यक्ति जिन्होंने निर्दलीय रूप से फॉर्म भरा है, चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें समर्थन करेंगे। हम इस देश का लोकतंत्र और संविधान बचाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि, इस देश में जो कानूनी प्रावधान है, हक अधिकार है, वह बचे और उसी तर्ज पर आगे काम किया जाएगा।
मुजाल्दा बताते हैं कि, पिछले 5 से 10 वर्षों की बात करें तो जो काम होने चाहिए वह काम धरातल पर नहीं आए। मध्य प्रदेश की सरकार ने पेसा एक्ट लागू किया, लेकिन धरातल पर उसका अमल नहीं हुआ, उसकी बातों को नहीं माना जा रहा, सरकार योजनाएं लागू करती है, और कहती है कि आदिवासियों को फायदा होगा, लेकिन योजनाओं का लाभ आदिवासियों तक नहीं पहुंच पा रहा। कांग्रेस कह रही है कि, हम पांचवी अनुसूची को अमल में लाएंगे, जहां राहुल गांधी ने शहडोल में कहा कि, 50% से ज्यादा जहां आदिवासियों की जनसंख्या है, वहां छठी अनुसूची लागू करेंगे। हमारा कहना है कि, 2014 से पहले कांग्रेस की सरकार थी, तब पांचवी अनुसूची को अमल में लाना चाहिए था।
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा बताते हैं कि, लोकसभा चुनाव में जयस धार, झाबुआ और बड़वानी तीन संसदीय क्षेत्र में बातचीत कर प्रत्याशी उतार सकती है। नाम को लेकर बातचीत की जा रही है, पुरे दम खम के साथ जयस चुनाव मैदान में उतरेगी। जयस एक सामाजिक विचारधारा है, जो निर्दलीय रूप से प्रत्याशी उतारती है। विधानसभा चुनाव में भी हमने प्रत्याशी उतारे थे, हम धीरे-धीरे करके आगे बढ़ रहे हैं।
मुजाल्दा बताते हैं कि, मुद्दे पूरे करने की बात दोनों ही पार्टियों हर बार करती है, अपने-अपने घोषणा पत्र में हर बार उनका कहना होता है कि, हम पांचवी अनुसूची पर बात करेंगे। हम ग्राम सभा को मजबूत करेंगे, लेकिन होता नहीं है। पहले दोनों ही पार्टियों मुद्दे पूरे करके दिखाएं, पहले मुद्दे पूरे करके दिखाएं, फिर हमें विश्वास होगा कि, इन्होंने मुद्दे पूरे किए, और फिर हमें विश्वास होगा, और हम अपना फैसला लेंगे। फिलहाल, हम बीजेपी और कांग्रेस के साथ नहीं जा रहे।
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