MP News: शिवराज सिंह चौहान की लाडली बहन योजना पर मंडरा रहे बादल, जानिए क्यों CM मोहन यादव ने साधी हैं चुप्पी?
Ladli Bahana Yojana: मध्य प्रदेश के सीएम पद की शपथ लेने के तत्काल बाद मोहन यादव ने 13 दिसंबर को मंत्रालय में कार्यभार संभाला। इसके तत्काल बाद उन्होंने कैबिनेट की पहली बैठक की। इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। जिनमें धार्मिक स्थलों पर साउंड के उपयोग पर प्रतिबंध और खुले में मांस मछली की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए।
लेकिन पूरा मध्य प्रदेश उनसे जानना चाहता था कि वे लाड़ली बहना योजना पर क्या फैसला करने वाले हैं। लेकिन बीती शाम हुई पत्रकार वार्ता में मीडिया कर्मी ये सवाल पूछते रहे गए लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना को लेकर कुछ नहीं बोला और एक रहस्यमयी चुप्पी लाड़ली बहना योजना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओढ़ ली है।

लाड़ली बहना योजना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले दिन से ही कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे है। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा था कि इस योजना को चलाना है या नहीं, इसे बाद में देखेंगे। फिर दोबारा मीडिया को दिए इंटरव्यू में बोले कि सभी पुरानी लोकप्रिय योजनाओं को चलाया जाएगा। जिसमें लाड़ली बहना योजना भी है। लेकिन जब मुख्यमंत्री के रूप में लिए गए शुरूआती निर्णयों की जानकारी देने मोहन यादव पत्रकारों के सामने आए तो उसमें से लाड़ली बहना योजना का नाम गायब था।
ऐसे में अब गंभीर सवाल यहां उठ रहे हैं कि क्या एमपी की नई भाजपा सरकार लाड़ली बहना योजना जैसी योजना, जिसमें हर महीने की 10 तारीख को पात्र महिलाओं को 1250 रुपए दिए जा रहे थे। उसे लेकर अपना रुख बदल रही है। क्या लाड़ली बहना योजना के कारण भाजपा सरकार के बजट पर जो हजारों करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। नई सरकार उस बोझ को उठाने से बचना चाहती है।
आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना स्कीम शुरू की थी, जिसमें उन्होंने वादा किया था कि सभी बहनों को हर महीने पहले 1000, फिर 1250 रुपए और उसके बाद यह रुपए बढ़ाकर तीन हजार रुपए प्रति महीना करने की घोषणा किया गया था। जून महीने में पहली बार 10 तारीख को महिलाओं के खाते में 1 हजार रुपए आए थे और 1 महीने बाद यह राशि बढ़कर 1250 रुपए प्रति महीना आने लगी थी। जिसे शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव जीतने पर बढ़ाकर तीन हजार रुपए महीना तक पहुंचाने की घोषणा किए थे। लेकिन वो वादा पूरा करते, उससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी शिवराज सिंह चौहान की विदाई कर दी।
चूंकि योजना अभी चालू है और अभी तक हर महीने सवा करोड़ महिलाओं के खाते में 1250 रुपए आ रहे हैं। लेकिन जिस तरह का रवैया नए मुख्यमंत्री मोहन यादव का दिखाई दे रहा है। उससे संदेह पैदा होने लगे हैं कि अब अगली 10 तारीख को क्या होगा। क्या 10 तारीख को इस बार यह धनराशि नहीं आएगी और यदि आती है तो कितनी आएगी। अभी इसे लेकर सरकार का रुख साफ नहीं दिख रहा। फिलहाल तो राशि आना दूर की बात है, ये योजना संचालित रहेगी या नहीं, इसे लेकर भी नई सरकार ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है।
चुनाव रिजल्ट आने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं ने ऐसे बयान दिए, जिससे जाहिर हुआ कि भाजपा मध्यप्रदेश में मिली बंपर जीत का श्रेय लाड़ली बहना योजना को नहीं देना चाहती है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज नेता ने तो यहां तक कह दिया था कि क्या लाड़ली बहना योजना राजस्थान और छत्तीसगढ़ में थी। अगर वहां लाड़ली बहना योजना नहीं थी तो भी भाजपा की सरकार बनी है तो इसका मतलब है कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे और उनकी गारंटी पर मिल रही है न कि किसी लाड़ली बहना योजना की दम पर।
जाहिर है कि भारतीय जनता पार्टी का दिग्गज नेता बिना वजह ही अपनी ही सरकार की किसी योजना को इतना छोटा करके नहीं बतायेगा। इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक राजनीति है। जिसके कारण इस समय लाड़ली बहना योजना स्कीम पर बंद होने के बादल मंडराते हुए दिख रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications