जानिए कौन है धीरन शाह, जिन्हें कांग्रेस ने अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए बनाया अपना प्रत्याशी
Amarwada assembly by-election: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर छिंदवाड़ा में उप चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा फैसला किया है। दरअसल, अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने आंचलकुंड दरबार से जुड़े धीरन शाह इनवाती को उम्मीदवार बनाया है।
काफी लंबी चर्चा करने के बाद कांग्रेस पार्टी ने धीरन शाह को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब देखना होगा कि उपचुनाव में धीरेन शाह बीजेपी के उम्मीदवार कमलेश शाह को कितनी टक्कर दे पाते हैं। बता दे कांग्रेस प्रत्याशी धीरेंद्र शाह कल 20 जून गुरुवार को दोपहर 12:00 बजे नामांकन दाखिल करेंगे।

कौन है कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह इनवाती
धीरन शाह आंचलकुंड दरबार के सेवक सुखराम दादा के बेटे हैं। बताया जाता है कि सुखराम दादा की आदिवासियों में पेट अच्छी खासी है।लगभग हर आदिवासी उनके दरबार में आता है और उनकी पकड़ आदिवासियों में मजबूत बताई जाती है। धीरेन शाह की उम्र 35 साल है उन्होंने पढ़ाई में ग्रेजुएट किया हुआ है राजनीतिक सफर की बात करें तो उनका कोई लंबा राजनीतिक सफर नहीं है। आंचलकुंड से जुड़े होने के कारण चर्चाओं में रहे। धीरन शाह एक वेतन भोगी कर्मचारी हैं, जिन्होंने बटकाखापा सहकारी समिति में सेल्समैन के रूप में कार्य किया है। उनके चाचा जनपद पंचायत सदस्य भी हैं।
धीरन शाह की आदिवासी वोटबैंक में अच्छी पकड़ है। आंचलकुंड के सेवादार सुखराम दादा के परिवार की आदिवासी परिवारों में उनकी अच्छी पहचान है। भारिया हो या आदिवासी, हर कोई दादा दरबार में उनकी समर्थन में उमड़ता है। इसलिए, कांग्रेस अब इस संबंध को भुनाने के लिए तैयार है।
कांग्रेस में इसके पहले जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम और चंपालाल कुरचे के नाम पर विचार चल रहा था, लेकिन कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने आंचलकुंड दरबार से प्रत्याशी बनाने का सुझाव दिया। इसके बाद सहमति बनी कि धीरन शाह को प्रत्याशी बनाया जाए।
आंचलकुंड धाम से कमलनाथ का कनेक्शन
कमलनाथ ने 1980 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत से पहले वे आंचलकुंड धाम पहुंचे थे, जहां उस समय रतनदास जी धाम के सेवादार थे। वर्तमान में उनके पुत्र धाम के सेवादार हैं।
आंचलकुंड धाम को बाबा कंगाल दास ने स्थापित किया था, जो आदिवासियों की आस्था का केंद्र है। इस धाम के तीसरी पीढ़ी के सेवादार सुखराम दास जी महाराज ने बताया कि करीब 100 साल पहले कंगाल दास बाबा की इच्छा पर खंडवा के धूनी वाले दादा जी ने इस आंचलकुंड में धूनी जलाई थी। कंगाल दास बाबा के पिता के पिता थे, और वे आदिवासी परिवार सिंगरामी इनवाती के परिवार में जन्मे थे।
अमरवाड़ा उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के रूप में कमलेश शाह नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वे पहले कांग्रेस के टिकट पर अमरवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे, लेकिन उनके बीजेपी में शामिल होने और विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद अमरवाड़ा सीट खाली हुई थी।
अमरवाड़ा उपचुनाव में 21 जून नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है, और 10 जुलाई को उपचुनाव होने हैं। नतीजे 13 जुलाई को आने हैं। उपचुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से भी देव रावेन भलावी मैदान में हैं।












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