MP News: चीन से आ रहे लहसुन पर रोक न लगाने को लेकर मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन: जीतू पटवारी ने की आलोचना
MP News: मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में किसान आजकल बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उनका सबसे बड़ा विरोधी अब चीन से अफगानिस्तान के रास्ते आने वाला सस्ता लहसुन बन गया है, जिससे उनकी कमाई पर गहरा असर पड़ रहा है।
इंदौर की चोइथराम मंडी में सैकड़ों किसान अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार चीन से आ रहे इस लहसुन पर कोई रोक नहीं लगा रही है, जिससे लहसुन की कीमतों में 50% तक गिरावट आ गई है और किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है।

चाइनीज लहसुन का खतरा
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मसले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 2014 में भारतीय सरकार ने चीन से आने वाले लहसुन को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए प्रतिबंधित किया था। पटवारी के अनुसार, अफगानिस्तान के रास्ते चीन का लहसुन बड़े पैमाने पर भारत में आ रहा है, जिससे न सिर्फ किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि यह लहसुन भारतीय जनता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरे की घंटी साबित हो सकता है। उनका कहना है कि यह लहसुन पेट में अल्सर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इस लहसुन के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट भी सख्त टिप्पणी कर चुका है।
किसान आंदोलन की वजह
मध्य प्रदेश में खासकर पश्चिमी क्षेत्र के किसान लहसुन की खेती में बड़े पैमाने पर सक्रिय हैं, और उनके लिए यह व्यापार जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन चीन के सस्ते लहसुन के बाजार में आ जाने से उनके उत्पाद की कीमतें गिर गई हैं। किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं और उनके पास कोई उपाय नहीं बचा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि चीन से आने वाले लहसुन पर रोक लगाई जाए और उन्हें उचित समर्थन मूल्य मिले, ताकि वे अपनी खेती से अपना गुजारा कर सकें।

सरकार की उदासीनता पर सवाल
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित एक बैठक में कहा कि मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार किसानों की समस्याओं को न तो समझ रही है और न ही उन्हें हल करने की कोशिश कर रही है। सरकार किसानों को समर्थन मूल्य नहीं दे रही और दूसरी ओर चाइनीज लहसुन की तस्करी को रोकने में नाकाम रही है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि किसान आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को अनदेखा कर रही है।
आंदोलन और किसानों का गुस्सा
किसान अब सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी परेशानियों को समझे और उन्हें उचित समर्थन दे। लहसुन की कीमतों में गिरावट के कारण उनकी आमदनी पर बड़ा असर पड़ा है, और वे अपनी मेहनत का सही मूल्य मांग रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस नेता पटवारी ने किसानों के बीच जाकर उनके संघर्ष को समझा और उन्हें अपने आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया।
निराशा में डूबे किसान
किसान अब इस स्थिति से बहुत निराश हैं। वे महसूस कर रहे हैं कि सरकार उनके हक में कुछ नहीं कर रही है। एक ओर जहां सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे, वहीं दूसरी ओर किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक राहत या समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान सरकार से उम्मीद खो चुके हैं और अब वे अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आए हैं।












Click it and Unblock the Notifications