MP News: बड़ा फेरबदल, कटनी और दतिया के SP सहित चंबल रेंज के IG-DIG हटाए गए, 10 IPS अधिकारियों के तबादले
IPS officers transfer: मध्य प्रदेश में रविवार देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत गृह विभाग ने 10 आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। इस कार्रवाई में कटनी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिजीत रंजन, दतिया के एसपी वीरेंद्र कुमार, चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुशांत कुमार सक्सेना और उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कुमार सौरभ को हटा दिया गया।
स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर इन अधिकारियों को हटाए जाने की जानकारी साझा की। इसके अलावा, मंत्री विजय शाह के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख प्रमोद वर्मा का भी तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई अधिकारियों के आपसी विवाद और लोकसेवा में खेदजनक व्यवहार के कारण की गई है।

तबादला आदेश: नए नियुक्तियां
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कटनी के एसपी अभिजीत रंजन और दतिया के एसपी वीरेंद्र कुमार को सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के रूप में पुलिस मुख्यालय, भोपाल में अटैच किया गया है। उनकी जगह डीसीपी इंदौर अभिनव विश्वकर्मा को कटनी का नया एसपी और सेनानी प्रथम वाहिनी, इंदौर सूरज वर्मा को दतिया का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
चंबल रेंज में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। आईजी सुशांत कुमार सक्सेना और डीआईजी कुमार सौरभ को पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। उनकी जगह डीआईजी छिंदवाड़ा सचिन कुमार अतुलकर को चंबल का नया आईजी और डीआईजी सागर सुनील कुमार जैन को चंबल का नया डीआईजी बनाया गया है।
विजय शाह के मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख और सागर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें जबलपुर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है, जबकि उनकी जगह चंद्रशेखर सोलंकी, आईजी, विसबल, इंदौर को सागर रेंज का नया आईजी बनाया गया है।
कार्रवाई के पीछे का कारण
कटनी एसपी पर कार्रवाई: कटनी के एसपी अभिजीत रंजन को एक सीएसपी के तहसीलदार पति के साथ हुए विवाद के बाद हटाया गया है। इस विवाद ने स्थानीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं, और इसे लोकसेवा में अनुचित व्यवहार माना गया। सूत्रों के अनुसार, कटनी में पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की घटना भी इस कार्रवाई का एक प्रमुख कारण रही।
IG-DIG of Chambal: दतिया और चंबल रेंज में विवाद
दतिया में शनिवार को आयोजित एयरपोर्ट लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर एसपी वीरेंद्र कुमार, आईजी सुशांत कुमार सक्सेना और डीआईजी कुमार सौरभ के बीच तीखी बहस हो गई थी। यह विवाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और आम जनता की मौजूदगी में हुआ, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंची। सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट पर भीड़ नियंत्रण को लेकर एसपी और आईजी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम स्थल पर अनधिकृत प्रवेश और भीड़ को नियंत्रित करने में नाकामी के चलते आईजी ने एसपी पर नाराजगी जताई, जिसके बाद बहस बढ़ गई। मुख्यमंत्री ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए तीनों अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए।
IG-DIG of Chambal: सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
इस कार्रवाई ने मध्य प्रदेश में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ किया कि लोकसेवा में खेदजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी कटनी एसपी के व्यवहार को घोर निंदनीय बताते हुए मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की।
स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही की दिशा में एक सख्त कदम बताया है। कटनी में पत्रकारों के साथ हुए विवाद और दतिया में कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की आपसी बहस ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इस कार्रवाई से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि लोकसेवा में लापरवाही और अनुचित व्यवहार को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नए अधिकारियों की जिम्मेदारी
नए नियुक्त अधिकारियों पर अब बड़ी जिम्मेदारी होगी। कटनी में अभिनव विश्वकर्मा को पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर विश्वास बहाल करने की चुनौती होगी। वहीं, दतिया में सूरज वर्मा को एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। चंबल रेंज में सचिन अतुलकर और सुनील कुमार जैन को क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना होगा।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के इस कदम की तारीफ की, जबकि कुछ ने पुलिस अधिकारियों के बीच इस तरह के सार्वजनिक विवादों को लेकर चिंता जताई। एक यूजर ने लिखा, "मुख्यमंत्री का यह कदम स्वागत योग्य है। पुलिस अधिकारियों को अनुशासित रहना चाहिए।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, "ऐसे विवादों से पुलिस की छवि पर असर पड़ता है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने चाहिए।"












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