युवा समाज के वंचित और पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए काम करें: राज्यपाल मंगूभाई पटेल
बुंदेलखंड के महाराजा छत्रसाल विवि छतरपुर में शनिवार को दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। आयोजन में प्रदेश के राज्यपाल महामहिम मंगू भाई पटेल ने शिरकत कर टॉपर्स को गोल्ड मेडल प्रदान किया।

Maharaj Chhatrasal Bundelkhand University Convocation: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की प्रतिबद्धता समय की मांग है। छात्र दीक्षित होकर समाज के वंचित और पिछड़े लोगों के उत्थान के ध्वज वाहक बनकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि देश के विकास एवं समृद्धशील समाज के लिए शिक्षा सर्वोपरी है। राज्यपाल ने शनिवार को पं. बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड यूनिवर्सिटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।

राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में कहा कि देश को प्रगतिशील एवं साधन संपन्न बनाने में शिक्षित युवाओं का सहयोग आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। समाज और देश के हित में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है। शिक्षा का मूल उद्देश्य ज्ञान सृजन कराने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार प्रदाय करना मुख्य होना चाहिए। युवा जहां जाएं वहां निष्ठा से कार्य करते हुए सफलता हासिल करें। सारस्वत दीक्षांत समारोह में विद्वान, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के प्रोफेसर कैलाश चन्द्र शर्मा, सांसद वीडी शर्मा, पद्मश्री बुन्देली कवि डॉ. अवधकिशोर जड़िया, कुलपति प्रो. टीआर थापक, कुलसचिव डॉ जेपी मिश्र मौजूद थे।

माता-पिता और शिक्षक बच्चों की सफलता में अपनी खुशी देखते हैं
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विद्यालय एवं महाविद्यालय से पढ़ने के बाद युवाओं का ज्ञान सृजन रूपी जन्म होता है, जो समाज एवं देश को प्रगति के पथ पर ले जाने में फायदेमंद होता है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भावी जीवन में प्रगति करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक और पालक बच्चों की सफलता में अपनी खुशी देखते है।

उपाधि धारक हमारे गौरव हैं, युवा देश का परिदृश्य बदल सकते हैं
मुख्य अतिथि एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उन्नत एवं प्रगतिशील जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उपाधिधारक हमारे गौरव है। वे भारत के साथ-साथ विदेश में कहीं न कहीं नेतृत्व करने का काम करेंगे। दीक्षित होकर युवा देश की पहचान और विकास का परिदृश्य बदल सकते है। उपाधिधारक ऐसे छात्रों को और सबल बनाना और अधिक ताकत देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए है जिससे मेडिकल विधा में हिन्दी में शिक्षा पाने की सहूलियत शुरू हुई। प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश में मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां मेडिकल की पढ़ाई हिन्दी भाषा में शुरू की गई।
दीक्षांत समारोह में 93 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों की उपाधियों के वितरण की प्रक्रिया में एमए हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, दर्शन शास्त्र, समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास भूगोल, एमएससी भोतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, गणित, वनस्पति शास्त्र, माइक्रोबायलॉजी, प्राणी शास्त्र, भूगर्भ शास्त्र, बीएससी बी.ए बीलिब एलएलएम, एलएलबी, एएलएलबी आर्नस, बीएएलएलबी, एमकॉम और बीकॉम, एमएड और बीएड, एमएचएससी और बीएचएससी के 58 छात्र-छात्राओं को उपाधि एवं 35 को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। उपाधिधारी को स्वर्ण पदक विजेताओं को शपथ दिलाई गई।
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दीक्षांत समारोह के दौरान छात्राओं ने हंगामा भी किया
महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर में दीक्षांत समारोह के दौरान जमकर हंगामा हो गया। समारोह में राज्यपाल के पहुंचने के पहले ही बड़ी संख्या में छात्र मैदान में एकत्रित हो गए। छात्र-छात्राओं ने कुलपति प्रो. टीआर थापक को निलंबित करने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। आंदोलन उग्र होता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को जबरन वहां से बाहर ले गई। पुलिस जब एक छात्रा को खींचकर ले जा रही थी, तभी उसकी तबीयत खराब हो गई। प्रदर्शन कर रही छात्रा नीतू साहू और श्रद्धा ठाकुर का कहना है कि हमें एक स्वच्छ और स्वस्थ विश्वविद्यालय चाहिए, न कि भ्रष्टाचार युक्त। यहां पर नाम मात्र की भी पढ़ाई भी नहीं हो रही है।












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