MP News: भ्रष्ट अधिकारियों पर एक्शन के लिए मोहन सरकार ने बनाई IAS अफसरों की कमेटी,एक हफ्ते में देगी रिपोर्ट
मध्य प्रदेश सरकार ने करप्शन और विभागीय अनुपालन के मामले में कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पूर्व मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य करप्शन और अनुशासन के मामलों में जांच करना है, और उसकी रिपोर्ट में संभावित कार्रवाई का सुझाव देना है। इस कमेटी के गठन के बाद से यह माना जा रहा है कि मोहन यादव सरकार करप्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

इस कमेटी में शामिल अधिकारियों की श्रेणी व्यापक है और उनमें विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि जांच निष्पक्ष और प्रभावी हो। अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार सामान्य प्रशासन विभाग, अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश कुमार राजौरा नर्मदा घाटी विकास विभाग, प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव राजस्व विभाग, और सचिव विधि और विधायी कार्य विभाग उमेश पांडे इस कमेटी के सदस्य हैं।
कमेटी के गठन से एक साफ संदेश मिलता है कि सरकार को करप्शन और अनुपालन के मामलों में सख्त एक्शन लेगी। इसके लिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विश्वास और न्याय की प्रक्रिया में समानता बनी रहे। यह कदम राज्य के विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
मोहन सरकार द्वारा गठित कमेटी ने करप्शन पर जीरो टॉलरेंस के नीति के तहत काम कर रहे करप्ट लोक सेवकों के खिलाफ उचित कार्यवाही की रिपोर्ट देने का काम संभाला है। इसके साथ ही, कमेटी उन अधिकारियों के विरुद्ध भी जांच करेगी जो सेवानिवृत होने वाले हैं और जिनके खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति को विचार में लेकर रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के माध्यम से यह भी निर्धारित किया जाएगा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ संभावित रिटायरमेंट से पहले कौन सी कार्रवाई उचित होगी।












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