MP News: सुरेश पचौरी को कैसे भाजपा में लाए शिवराज, 7 दिनों से भाजपा के नेता कर रहे थे तैयारी
Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस की दिग्गज नेता सुरेश पचौरी का कांग्रेस से मोह भंग जनवरी में ही हो गया था। जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण कांग्रेस नेताओं ने स्वीकार नहीं किया था। कांग्रेस भले ही पचौरी के मन को न भांप पाई हो, लेकिन भाजपा के नेता यह भाग गए और उन्होंने पचौरी को अपनी पार्टी में लाने के लिए प्रयास शुरू किए।
पचौरी को पार्टी में लाने के लिए पिछले 7 दिनों से तेजी से प्रयास किया जा रहे थे। भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस को प्रदेश में कमजोर करने में लगी हुई है। जिससे इस बार वे क्लीन स्वीप कर सके।

सुरेश पचौरी को कैसे भाजपा ने अपने पाले में किया
पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुरेश पचौरी को भाजपा में लाने की पूरी पटकथा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर लिखी गई। शिवराज सिंह चौहान और सुरेश पचौरी के बीच शुक्रवार को करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत होती रही। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में पार्टी नेताओं से बात की। केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद पचौरी के भाजपा में आने का रास्ता साफ हुआ। केंद्रीय नेतृत्व की हां के बाद शिवराज सिंह चौहान और सुरेश पचौरी गले भी मिले थे।
भाजपा में क्यों शामिल हुए सुरेश पचौरी
दरअसल, कमलनाथ की प्रदेश में आने के बाद कई नेताओं को पार्टी में तवज्जो मिलना कम हो गई थी। इनमें सुरेश पचौरी भी शामिल थे, जबकि पचौरी के समर्थक मध्य प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में है। पचौरी को महत्व नहीं दिए जाने के कारण उनके समर्थकों को भी कांग्रेस में नजर अंदाज किया जाने लगा। हालांकि वह पार्टी के हित के लिए पिछले दिनों तक सक्रिय थे। इस बीच भाजपा नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में सुरेश पचौरी को साधने का काम किया, जिसमें शिवराज सिंह चौहान ने भूमिका निभाई। जिसमें सुरेश पचौरी मान गए और उन्होंने भाजपा का दमन थमने का निर्णय लिया पचौरी ने इसके बाद अपने कुछ चुनिंदा समर्थकों से बातचीत की। वे भी उनके साथ पार्टी छोड़ने को तैयार हो गए। गजेंद्र सिंह राजू खेड़ी, संजय शुक्ला, विशाल पटेल, अर्जुन पलिय, आलोक चंसोरिया, अतुल शर्मा, कैलाश मिश्रा सभी उन्हीं के समर्थक हैं। इन सभी ने पचौरी के कहने पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
पचौरी ने खड़गे को भेजा था इस्तीफा
भाजपा की सदस्यता लेने से पहले सुरेश पचौरी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेजा। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं अपने जीवन के 50 साल कांग्रेस को दिए। मैंने पार्टी और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। मैंने पूरी ईमानदारी और पूरी निष्ठा से पार्टी और सरकार की सेवा की है। आज पार्टी द्वारा सार्वजनिक और धार्मिक महत्व के मामलों में जिस तरह से फैसले लिए जा रहे हैं, उससे मुझे बहुत दुख है कांग्रेस उन सिद्धांतों से भटक गई जिसके लिए वे जानी जाती थी इसलिए वह कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे है।












Click it and Unblock the Notifications