Diamond Auction: कद्रदान को तरसे पन्ना के हीरे, बेशकीमती हैं फिर भी नहीं मिल रहे खरीददार
पन्ना की खदानों से निकले हीरों की बार-बार नीलामी आयोजित करने के बाद भी कुछ बड़े हीरों को खरीददार नहीं मिल रहे हैं। व्यापारी इनकी बोली नहीं लगा रहे। कारण मंदी की मार और सही वैल्युएशन के अभाव में हीरे नहीं बिक सके।

Diamond Auction: पन्ना के चमचमाते और दमकते हीरों की चमक फीकी पड़ रही है। गरीबों और मजदूरों को रातों-रात लखपति बनाने वाले हीरे एक साल से जस के तस रखे हैं। तीन दफा नीलामी आयोजित होने के बावजूद कुछ बेशकीमती और बड़े हीरों को खरीदने में व्यापारी और जौहरी रूचि नहीं दिखा रहे। इसके पीछे जो कारण बताया जा रहा है, उसमें एक तो मंदी की मार तो दूसरी तरफ इन हीरों की कीमत का गलत वैल्युएशन बताया जा रहा है। व्यापारियों के सुझाव के बाद अब जिला प्रशासन को समझ आया तो एनएमडीसी से हीरों के जौहरी को बुलाकर इनका दोबारा वैलयुएशन कराया जाएगा।
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पन्ना की खदानों से निकले कुछ बड़े हीरे जिनकी अनुमानित कीमत 30 लाख से सवा करोड़ तक बताई जा रही थी, इनमें 14 कैरेट, 11 कैरेट से लेकर 6 कैरेट के आसपास वजन तक के हीरे शामिल हैं, ये बिक नहीं पा रहे। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बीते एक साल में करीब 3 दफा हीरों की नीलामी आयोजित की जा चुकी है, लेकिन इन हीरों की बोली लगाने में व्यापारियों ने इंटरेस्ट नहीं दिखाया। इस कारण सालभर से ये हीरे जिला हीरा कार्यालय की तिजोरियों की ही शोभा बड़ा रहे हैं। इसके अलावा अन्य छोटे-छोटे हीरे खरीदने में भी व्यापारियों की रूचि नजर नहीं आ रही है।
218 हीरे नीलामी में रखे, तीन दिन में 83 बिक सके
जिला हीरा कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार बीते 21 से 23 फरवरी में तीन दिन तक हीरों की नीलामी का आयोजन किया गया था। इसमें मप्र की मंडियों सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, यूपी सहित अन्य मंडियों से हीरों के कारोबारी, जौहरी और व्यापारी आए थे। नीलामी के दौरान कुल 218 हीरे बिक्री के लिए रखे गए थे। व्यापारियों ने इनका परीक्षण किया और जब बोली लगाने की बारी आई तो तीन दिन में मात्र 83 हीरे ही बिक सके। 218 हीरों का कुल वैल्युएशन 4 करोड़ 13 लाख रुपए आंका गया था, जिसमें से महज 1 करोड़ 36 लाख में मात्र 83 हीरों की बोली ही लग सकी है।

कच्चे हीरों का सही वैल्युएशन नहीं कर पा रहे अधिकारी
हीरा नीलामी में पन्ना आए व्यापारियों ने मीडिया से बातचीत के दौरान खुलकर तकनीकि समस्या सामने रखी है। यूपी बांदा से आए व्यापारी रमेश गुप्ता ने बताया कि यहां हमें सही और वास्तविक कीमत पर हीरों का कच्चा माल नही मिल पा रहा है। एक तो बाजार मंदी की मार से गुजर रहा है। इधर जो हीरे नीलामी के लिए रखे गए हैं, उनका सही वैल्युएशन नहीं किया गया है। इस कारण व्यापारी बोली नहीं लगा रहे हैं। जिनकी कीमत उचित होती है, उनको खरीदने में व्यापारी रुचि दिखा रहे हैं। यहां हीरों का रीवैल्युएशन होना आवश्यक है। इधर व्यापारियों के सुझाव के बाद जिला प्रशासन पर राष्ट्रीय खनिज निगम (एनएमडीसी) के हीरा पारखी को बुलाकर इनका दोबारा वैल्युएशन कराकर अगली नीलामी में रखेगा।
218 हीरों में से 83 हीरों की बोली लगी है

जिला हीरा अधिकारी रवि पटेल के अनुसार दी गई जानकारी अनुसार 21 से 23 फरवरी तक तीन दिवसीय नीलामी में कुल 218 हीरे रखे गए थे। इनमें से 83 हीरे करीब 1 करोड़ 36 लाख रुपए में नीलाम हुए हैं। बाकी हीरों को अगली नीलामी के लिए रखा जाएगा।












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