MP: आटा चक्की का गलत बिजली बिल 6.39 लाख थमाया, चार साल में बगैर मीटर के 11 लाख हो गया!

सागर, 20 अगस्त। मप्र के सागर जिले में एक आटाचक्की चलाने वाला गरीब आदमी बीते तीन साल से अपना बिजली बिल सुधरवाने घूम रहा है। विभाग ने उसे तीन महीने का आटा चक्की का 1.50 हजार यूनिट का 6 लाख 39 लाख हजार रुपए बिल थमा दिया था। उपभोक्ता ने जब मीटर की शिकायत की तो विभाग वसूली करने अड़ गया। चक्की संचालक जब उपभोक्ता फोरम चला गया तो दो-तीन पेशी के बाद विभाग के अधिकारियों ने उससे संपर्क किया और कंपनी की चूक मानने को तैयार हैं, आप केस वापस ले लो। उसने केस वापस ले लिया, लेकिन विभाग ने निराकरण कुछ नहीं किया, उल्टे अब एक साल बाद अचानक 11 लाख रुपए वसूली का बिल थमा दिया। इसमें पुराने बिल में 5 लाख रुपए ब्याज और अधिभार जोड़ दिया।

MP: आटा चक्की का गलत बिजली बिल 11 लाख थमाया!

जानकारी अनुसार सागर के नरयावली नाका के सेमरा लहरिया गांव के निवासी व पूर्व चक्की संचालक रामजी प्रजापति 11 लाख रुपए का बिल लिए घूम रहे हैं। यह प्रकरण बीते दिनों लोक अदालत में रखा गया था, लेकिन उन्होंने लोक अदालत में प्रकरण के निपटारे में रुचि नहीं दिखाई हैं। उनके अनुसार साल 2013 में उन्होंने अपने गांव में आटा चक्की लगाई थी। करीब 5 साल तक उन्होंने इसे चलाया और बाकायदा बिल भरते रहे, लेकिन साल 2018 की आखिरी तिमाही में बिजली मीटर अचानक तेज भागने लगा। उसमें लाखों यूनिट की खपत और रीडिंग दिखने लगी। इसकी शिकायत उन्होंने स्थानीय इंजीनियरों व अधिकारियों से की थी, लेकिन किसी ने न तो मीटर की जांच कराई और न ही इस मामले में कोई कार्रवाई की। सितंबर 2018 में बिजली कंपनी की टीम आई और उनका मीटर पिता को छूट बोलकर ले गई। कुछ दस्तावेजों पर भी उनके हस्ताक्षकर कराकर ले गए। बाद में सीधे 6 लाख 39 हजार रुपए का बिल भेज दिया। हालांकि इस दौरान नया मीटर उनके घर लगाया गया था।

उपभोक्ता फोरम में केस लगाया तो झूठ बोलकर केस वापस कराया
रामजी प्रजापति के बताए अनुसार उन्होंने इस मामले में उपभोक्ता फोरम में प्रकरण दायर किया था, जिसके बाद उनके घर बिजली कंपनी की दूसरी टीम आई और दूसरा वाला मीटर निकालकर ले गए। कुछ सुनवाई हुई थीं, जिसके बाद बिजली कंपनी के अफसरों ने रामजी से संपर्क कर कहा कि बिजली कंपनी अपनी गलती को मानने को तैयार है, आप केस वापस ले लो। रामजी ने सोचा सबकुछ ठीक होने वाला है तो उनकी बात मान ली और फोरम से प्रकरण वापस ले लिया। बीच में करीब एक साल तक उनसे किसी भी बिजली कंपनी अधिकारी या कर्मचारी ने संपर्क नहीं किया। एकदम से उन्हें 11 लाख की रिकवरी का नोटिस भेज दिया।

जिस चक्की का बिल, वह कबाड हो गई
रामजी प्रजापति ने बताया कि साल 2018 से मैं बेरोजगार हूं। मजदूरी करके परिवार पाल रहा हूं। उन्होंने बताया कि परिजन और कुछ रिश्तेदारों से उधार लेकर आटा चक्की लगाई थी। बिजली विभाग की गलती और सीनाजोरी के कारण सब बर्बाद हो गया। करीब साढे़ चार साल से चक्की बंद पड़ी-पड़ी कबाड़ हो गई। उन्होंने दुखी मन से बताया कि बिजली कंपनी के अधिकारियों ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, न हीे वस्तुस्थिति को समझा और अपनी गलती छुपाने मुझे फंसा दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+