कौन हैं महेंद्र सिंह सोलंकी? जिन्हें देवास से टिकट मिलने पर 2000 कार्यकर्ताओं ने आलाकमान को भेजा विरोध पत्र
Mahendra Singh Solanki News: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी हैं। लंबे मंथन और सभी की रायशुमारी के बाद मध्य प्रदेश की 24 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया गया है।
मध्य प्रदेश में प्रत्याशियों के घोषणा के बाद प्रत्याशी चुनाव प्रचार में भी जुट गए है। तो वही पहली सूची जारी होते ही प्रत्याशियों के खिलाफ विरोध के सुर सुनाई देने लगे है।

उम्मीदवारों के विरोध को लेकर कयास लगाए जाने लगे है कि भाजपा लोकसभा चुनावों में कोई मुसीबत मोल नहीं लेना चाहती है, ऐसे में बीजेपी जिन प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है ऐसे उम्मीदवारों का टिकट बदल सकती है।
दरअसल, देवास लोकसभा से भाजपा ने मौजूदा सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी को फिर से टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है। सोलंकी को टिकट मिलने को लेकर क्षेत्र में उनका विरोध शुरू हो गया है। क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने ही दिल्ली नेतृत्व को पत्र लिखते हुए उम्मीदवार बदलने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश भाजपा और केंन्द्रीय बीजेपी को क्षेत्र के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि, सरपंच, पूर्व सरपंच, पंच, जनपद अध्यक्ष से लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोलंकी का टिकट काटने के लिए विरोध पत्र लिखा है। ऐसे में अगर भारतीय जनता पार्टी सोलंकी का टिकट नहीं काटती है तो बीजेपी को देवास सीट से विरोध और हार का सामना करना पड़ सकता है।
भाजपा को भेजे 2 हजार पत्र
महेंद्र सिंह सोलंकी का टिकट काटने के लिए लोकसभा क्षेत्र से करीब दो हजार पत्र भाजपा को भेजे गए है। पार्टी नेताओं और कार्याकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र की जनता मौजूदा सांसद से नाराज है।
बताया जा रहा है कि रायशुमारी के दौरान सांसद सोलंकी का विरोध होने के बाबजूद भी भाजपा ने फिर से उन्हें टिकट दिया है। बताया यह भी जा रहा है कि सोलंकी के टिकट को लेकर देवास बीजेपी 2 हिस्सों में बंट गई है। एक धड़ा टिकट को लेकर खुश है तो दूसरा धड़ा नाराज है।
सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी का जन्म गरीब परिवार में हुआ था। पिता जीविकोपार्जन के लिए इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में रहने लगे। किशोरावस्था में सोलंकी ने छोटी-छोटी फैक्ट्रियों व दुकानों पर नौकरी भी की है। नौकरी के साथ पढ़ाई की और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की है।
वर्ष 1999 से 2003 के बीच कई आंदोलनों में भाग लिया और इसी कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। अक्टूबर 2001 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लिया। वर्ष 2003 में झाबुआ जिले में आयोजित हिंदू संगम में अपने पूर्ण समर्पण के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देवास लोकसभा सीट से महेंन्द्र सिंह सोलंकी भाजपा से सांसद है। भाजपा ने सोलंकी को फिर से प्रत्याशी बनाया है। महेन्द्र सिंह सोलंकी ने 2019 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा था। सोलंकी ने जज के पद से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी में आए थे। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार पद्मश्री प्रह्लाद सिंह टिपानिया को चुनाव हराया था।












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