MP News Damoh Accident: दमोह के महादेव घाट पर कैसे हुआ भीषण सड़क हादसा, पूरा परिवार उजड़ा, 8 की मौत व 5 घायल
MP News: Damoh Accident: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। नोहटा थाना क्षेत्र के बनवार मार्ग पर स्थित महादेव घाट के पुल पर एक बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी, जिससे आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में मरने वालों में चार महिलाएं और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं, जबकि घायल पांचों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इस हादसे ने जहां पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी, वहीं यह घटना प्रशासन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर गई है।

कैसे हुआ हादसा?
घटना सुबह करीब 11 बजे की है। बोलेरो (MP-20 सीरीज) में जबलपुर जिले के भीटा फुलर गांव का एक परिवार सवार था। वे बांदकपुर से जटाशंकर धाम के दर्शन कर लौट रहे थे। बोलेरो में कुल 15 लोग सवार थे। जैसे ही वाहन महादेव घाट के पुल के पास तीखे मोड़ पर पहुंचा, चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरी।
घटना के समय क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही थी, जिससे सड़क फिसलन भरी हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और शवों को नदी से निकालने में घंटों का समय लग गया।
मृतकों की पहचान, पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार हादसे में जिनकी मौत हुई, वे सभी जबलपुर जिले के निवासी हैं:
- लौग बाई
- हल्की बाई
- संपत बाई
- गुड्डी बाई
- रचना
- तमन्ना (10-15 वर्ष)
- शिब्बू (8-10 वर्ष, पिता हरि)
- बैजन्ती बाई
इनमें से कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

घायलों की स्थिति चिंताजनक,गंभीर रूप से घायल पांच लोगों की पहचान इस प्रकार है:
- रज्जो सिंह (55 वर्ष)
- वैभव सिंह (12 वर्ष)
- आयुष (निवासी बहरोघाट)
- अंकित (पिता रज्जो सिंह)
- रविंद्र (22 वर्ष, निवासी बिजोरी)
सभी को पहले दमोह जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जबलपुर मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर है।
Damoh Accident: प्रत्यक्षदर्शियों की ज़ुबानी
रामकिशोर पटेल, एक स्थानीय ग्रामीण, ने बताया: "हमने तेज आवाज सुनी और बाहर आकर देखा तो बोलेरो उलटी पड़ी थी, लोग चीख-पुकार कर रहे थे। पुलिस को फोन किया और रस्सियों से गाड़ी तक पहुंचे। कुछ लोगों को खींचकर बाहर निकाला, लेकिन कई लोग फंसे रह गए थे।"

प्रशासन की तत्परता और मदद
घटना की सूचना मिलते ही नोहटा थाना प्रभारी संजय चतुर्वेदी, प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गईं। बोलेरो को क्रेन से बाहर निकाला गया। जिला कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की।
एक परिवार की टूटती हुई दुनिया
घटना ने जबलपुर जिले के भीटा फुलर, पौड़ी, बिजोरी और डुंगरिया गांवों को गहरे शोक में डुबो दिया है। रामसिंह, जो हादसे में अपनी बहन और भतीजी को खो चुका है, ने कहा:
"जटाशंकर दर्शन के बाद हम खुश थे, किसी को क्या पता था कि घर वापसी कभी नहीं होगी। परिवार उजड़ गया।"
Damoh Accident: महादेव घाट: हादसों का खतरनाक मोड़
स्थानीय लोगों का कहना है कि महादेव घाट पर यह कोई पहली दुर्घटना नहीं है। बीते 3 वर्षों में यहां 5 से अधिक हादसे हो चुके हैं। सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं है, मोड़ बेहद तीखा है। पुल की रेलिंग जर्जर है और चेतावनी संकेत तक नहीं लगे हैं।
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने ट्वीट किया: "सरकार को बार-बार हो रहे हादसों पर संज्ञान लेना चाहिए। यह लापरवाही नहीं, अपराध है।" सवाल जो रह गए...
- क्या महादेव घाट पर रोड इंजीनियरिंग की जांच होगी?
- क्या हादसे के बाद यहां सुधार कार्य होंगे या फिर यह घटना भी "फाइलों" में दब जाएगी?
- कितने और परिवार उजड़ेंगे तब जाकर कोई कदम उठेगा?












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