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MP News: दलितों के साथ लगातार बढ़ रहे अत्याचार के मामले, रतलाम में शासकीय शमशान में अंतिम संस्कार करने से रोका

Ratlam News: आजादी के 78 साल बाद भी भारत के कई इससे ऐसे हैं जहां पर आज भी लोग अपनी मानसिकता को नहीं बदल पाए हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के रतलाम में दलित महिला की मौत के बाद उसके परिजनों को शासकीय शमशान में अंतिम संस्कार करने नहीं दिया गया।

यह बात जब सोशल मीडिया पर फैली तो इसकी जमकर आलोचना हुई और पुलिस हरकत में आई। इसके बाद पुलिस ने शासकीय शमशान घाट में अंतिम संस्कार से रोकने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।कुछ दिनों में लगातार दलित अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। इससे पहले कटनी, सिवनी, सतना में भेदभाव के मामले सामने आए।

Dalit family stopped from performing last rites in government crematorium in Ratlam case registered

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    दलितों के साथ लगातार बढ़ रहे अत्याचार के मामले,रतलाम में शासकीय शमशान में अंतिम संस्कार करने से रोका

    रतलाम जिले के जावरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हारी में एक दलित महिला की मौत के बाद शासकीय श्मशान में अंतिम संस्कार से रोकने की घटना ने स्थानीय समाज और प्रशासन को चौंका दिया। यह मामला जावरा के पुलिस थाना रिंगनोद की असावती चौकी अंतर्गत आया है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    क्या है पूरा मामला

    25 अगस्त 2024 को दलित समाज की एक महिला, सुगन बाई, की बीमारियों के कारण मृत्यु हो गई। इस दिन तेज बारिश हो रही थी और परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए गांव के शासकीय श्मशान घाट की ओर रुख किया। परिवार ने इसलिए शासकीय श्मशान को चुना क्योंकि, उनके समाज के श्मशान में कोई स्थायी शेड नहीं था, जबकि शासकीय श्मशान में यह सुविधा उपलब्ध थी।

    हालांकि, जब परिवार शव को शासकीय श्मशान घाट पर लेकर पहुंचे, तो गांव के कुछ दबंगों ने अंतिम संस्कार की अनुमति देने से मना कर दिया। इन दबंगों ने दावा किया कि शासकीय श्मशान में अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता और उन्होंने समाज के श्मशान में अस्थायी शेड बनवाने का सुझाव दिया।

    पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद पुलिस हरकत में आई। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच के निर्देश दिए। एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन में रिंगनोद थाना पुलिस ने रात में ही गांव जाकर पीड़ित परिवार से संवाद किया और स्थिति का मूल्यांकन किया।

    पुलिस ने पीड़ित परिवार के सदस्य बद्रीलाल पिता नागुलाल सूर्यवंशी और अन्य से घटना के बारे में पूछताछ की। परिवार ने बताया कि गांव के नाहुसिंह पिता धुलसिंह राजपूत ने शासकीय श्मशान में अंतिम संस्कार करने से रोक दिया और समाज के श्मशान में अस्थायी शेड का निर्माण करवाया।

    कानूनी कार्रवाई

    पीड़ित परिवार की शिकायत पर थाना रिंगनोद पुलिस ने नाहुसिंह पिता धुलसिंह के खिलाफ धारा 301 बीएनएस 3(1)(za)(A) एससी, एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    दलित समाज का विरोध शुरू

    इस घटना ने दलित समाज में उत्पन्न भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ एक बार फिर से आवाज उठाई है। स्थानीय समाज और अधिकार संगठनों ने इस प्रकार के भेदभाव और क्रूरता के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया है कि कानून के तहत सबको समान अधिकार मिलते हैं और किसी को भी जातिगत भेदभाव की छूट नहीं दी जाएगी।

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