शर्मनाक : कोरोना पॉजिटिव मरीज की पत्नी सबसे माफी मांगने को हुई मजबूर, वजह चौंकाने वाली

मुरैना। दुनियाभर में कोरोना वायरस का खौफ है। प्रशासन और आमजन कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों का मनोबल बढ़ाने में भी कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। कहीं कोरोना को मात देकर घर लौटने वालों का ताली बजाकर स्वागत किया जा रहा है तो कहीं उन पर फूल बरसाए जा रहे हैं।

कोरोना पॉजिटिव परिवार मुरैना का रहने वाला

कोरोना पॉजिटिव परिवार मुरैना का रहने वाला

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो कोरोना संकट की घड़ी में न केवल इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है बल्कि कोरोना पॉजिटिव मरीज सुरेश बरेठा के परिवार को जीना भी मुहाल कर रखा है। सुरेश की पत्नी जोगेश 'अपनों' से ही माफी मांगते थक चुकी है। दैनिक भास्कर के हवाले से खबर है कि मुरैना का पहला कोरोना पॉजिटिव ठीक होकर घर लौट चुका है, मगर मरीज की पत्नी की मानें तो अब उन्हें अपनों के ताने और उलाहने के कारण कोरोना से भी ज्यादा जख्म मिल रहे हैं।

हाथ जोड़कर मांग रहे माफी

हाथ जोड़कर मांग रहे माफी

मीडिया से बातचीत में महिला कहती है कि 'मैं जानती हूं कि मेरे पति की एक गलती की वजह से कोरोना की बीमारी मुरैना पहुंच गई। हमारे देवर-देवरानी, भाई-भतीजों समेत 14 लोग बीमार हो गए लेकिन मेरे पति ने यह जान-बूझकर नहीं किया। अपनी इस गलती के लिए हम सभी रिश्तेदारों से हाथ जोड़-जोड़कर माफी भी मांग रहे हैं कि हमसे गलती हो गई। लेकिन देवर कीर्तिराम के उलाहने और ताने मुझे कोरोना से ज्यादा जख्म पहुंचा रहे हैं। वो कहता है कि हम लोगों का खून पीकर तेरा पेट नहीं भरा, जो यह बीमारी लगा दी।

ताने देने वाले की काउंसलिंग

ताने देने वाले की काउंसलिंग

मुरैना सीएमएचओ डॉ. आरसी बांदिल बाताते हैं कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों की यूं तो रोज काउंसिलिंग होती है। लेकिन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना पॉजिटिव के छोटे भाई की स्पेशल काउंसिलिंग कराई है। हमने उसे समझाया कि यह इतनी गंभीर बीमारी नहीं, जिसका इलाज न हो सके। 14 में से 7 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए, शेष 7 में से 4 की रिपोर्ट भी आज निगेटिव आ गई। दूसरी सैंपल रिपोर्ट आने के बाद इन चार लोगों को भी घर भेज दिया जाएगा।

शिवपुरी में घर बेचने को मजबूर

शिवपुरी में घर बेचने को मजबूर

शिवपुरी जिले के दीपक शर्मा कुछ दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कोरोना से पूरी तरह ठीक होने के बाद दीपक शर्मा अपने घर लौटे। दीपक शर्मा अपने मनोबल के दम पर कोरोना से लड़ाई तो जीत गए लेकिन घर आने के बाद अपने पड़ोसियों और नजदीकियों के बुरे बर्ताव के सामने उनका मनोबल टूट चुका है और अब वह अपने परिवार के साथ अपना घर बेचकर कहीं और बसना चाहते हैं। इसी मजबूरी की वजह से दीपक शर्मा ने अपने घर पर बोर्ड भी लगा दिया है। जिस पर लिखा है कि 'यह मकान बिकाऊ है'।

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