मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने पर विवाद: मंत्री विश्वास सारंग ने मौलाना रिजवी को लताड़ा, शमी को लिखा समर्थन
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने पर कट्टरपंथी टिप्पणी को लेकर मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री सारंग ने साफ कहा कि देश में किसी की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर कट्टरपंथियों की धौंस अब नहीं चलेगी।
उन्होंने इस मामले में मोहम्मद शमी को पत्र लिखकर भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके और उनकी बेटी के साथ खड़ी है।

क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने हाल ही में मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने पर आपत्ति जताई थी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शमी की बेटी को होली खेलते देख मौलाना रिजवी ने कहा कि "यह शरीयत के खिलाफ और नाजायज है।"
इस बयान के बाद देशभर में बहस शुरू हो गई। अब मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने भी इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, "एक बच्ची के त्योहार मनाने पर किसी मौलाना को परेशानी क्यों हो रही है? क्या इस देश में अब बच्चियां भी डर-डर कर त्योहार मनाएंगी?"
सारंग का बड़ा बयान
मंत्री सारंग ने सोमवार को कहा, "मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी का बयान बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को निभाने का अधिकार है। अगर शमी की बेटी होली खेलती है तो इससे किसी को दिक्कत क्यों होनी चाहिए?"
मोहम्मद शमी को मिला समर्थन
सारंग ने कहा कि सरकार मोहम्मद शमी और उनकी बेटी के साथ खड़ी है। "मैंने शमी को पत्र लिखकर कहा है कि वह और उनकी बेटी किसी भी कट्टरपंथी बयान या धमकी से डरें नहीं। यह देश सबका है। सरकार उन्हें हरसंभव संरक्षण और सुरक्षा देगी।"
प्रियंका गांधी और विपक्ष पर सवाल
सारंग ने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा, "प्रियंका गांधी जहां पहले 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' जैसे नारे देती थीं, अब वह कहां हैं? जब एक छोटी बच्ची के त्योहार मनाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तब कांग्रेस और विपक्ष मौन क्यों है? विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति कब तक करता रहेगा?"
मौलाना रिजवी पर पुराना विवाद भी दोहराया
सारंग ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मौलाना रिजवी ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो। "पहले भी वह मोहम्मद शमी को रोजे के दौरान क्रिकेट खेलते हुए पानी पीने पर धमकी दे चुके हैं। यह कट्टरता कहां तक जाएगी?"
सारंग की दो टूक
खेल मंत्री ने कहा, "हम किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी को भी अपने विचार दूसरों पर थोपने का अधिकार नहीं है। भारत में हर व्यक्ति को संविधान के तहत धार्मिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्राप्त है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह मौलाना हो या कोई और, किसी की आजादी छीनने की कोशिश करेगा, तो उसे कड़ी चुनौती दी जाएगी।"
कट्टरपंथियों के खिलाफ सख्त रुख
सारंग ने साफ किया कि सरकार ऐसे मामलों में सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि "अगर कोई भी व्यक्ति इस तरह से माहौल खराब करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
सारंग ने दी चेतावनी
मंत्री सारंग ने कहा, "धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं होगी। भारत हर धर्म और संस्कृति का सम्मान करता है। मोहम्मद शमी की बेटी होली खेल रही है तो इसमें किसी मौलाना को क्यों आपत्ति होनी चाहिए? हम साफ कर देना चाहते हैं कि सरकार ऐसे कट्टरपंथी विचारों को कतई स्वीकार नहीं करेगी।"
कट्टरपंथियों पर होगी कार्रवाई
खेल मंत्री ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती है। "जो भी लोग इस तरह समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। भारत में सभी को अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। किसी भी धर्म के मानने वालों पर कोई रोक-टोक नहीं हो सकती।"
मौलाना रजवी का बयान
गौरतलब है कि ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने हाल ही में बरेली में एक प्रेस वार्ता में मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने पर आपत्ति जताई थी। रजवी ने कहा था, "अगर शमी की बेटी नासमझी में होली खेल गई तो गुनाह नहीं है, लेकिन अगर वह समझदार है और जानबूझकर होली खेल रही है तो यह शरीयत के खिलाफ है।"
रजवी ने कहा, "होली हिंदुओं का बड़ा पर्व है, लेकिन मुस्लिम धर्म में रंग खेलना शरीयत के अनुसार सही नहीं है। हमने पहले भी मोहम्मद शमी को नसीहत दी थी, लेकिन अब उनकी बेटी का वीडियो सामने आया है। हम अपील करते हैं कि मुसलमान शरीयत में जो चीजें वर्जित हैं, उससे बचें।"
सरकार मोहम्मद शमी के साथ
सारंग ने इस बयान को लेकर कड़ा एतराज जताया और मोहम्मद शमी को पत्र लिखकर कहा कि सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा, "शमी और उनकी बेटी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह देश संविधान से चलता है, शरीयत से नहीं। हर नागरिक को अपनी संस्कृति के अनुसार जीने का अधिकार है।"
प्रियंका गांधी और विपक्ष पर निशाना
मंत्री सारंग ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "जब एक छोटी बच्ची को इस तरह की धमकियां दी जा रही हैं, तब प्रियंका गांधी और कांग्रेस के नेता कहां हैं? क्या 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' सिर्फ चुनावी नारा था? विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है और असली मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।"
पहले भी दिए हैं विवादित बयान
मौलाना रजवी इससे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। मंत्री सारंग ने कहा, "रजवी पहले भी मोहम्मद शमी को रमजान में पानी पीने पर नसीहत दे चुके हैं। अब बच्चों के त्योहार मनाने पर सवाल उठाकर समाज में कट्टरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।"












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