MP News: लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने MP में 3 विधायकों पर लगाया दांव, आदिवासी, sc-st को साधने की कोशिश
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में सिम बढ़ाने के लिए तीन विधायकों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। दरअसल, यह तीनों विधायक अपने-अपने क्षेत्र में खासा लोकप्रिय है। कांग्रेस ने अपने वादे के मुताबिक पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग से उम्मीदवारों के नाम ज्यादा दिए हैं।
कांग्रेस ने मंगलवार को (12 मार्च) लोकसभा उम्मीदवारों की दूसरी सूची का ऐलान किया। इस सूची में 43 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को जालोर से टिकट दिया गया है।

इससे पहले 8 मार्च को जारी कांग्रेस की पहली सूची में 39 नामों का ऐलान किया गया था। कांग्रेस अब तक कुल 82 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। सूची में 76.7% उम्मीदवारों की आयु 60 साल से कम है।
मध्य प्रदेश के लिए कांग्रेस की पहली लिस्ट में सिर्फ 10 में से केवल 2 सीटों पर ही उम्मीदवार फिर से चयनित किए गए हैं। इनमें से नकुलनाथ छिंदवाड़ा और रामू टेकाम बैतूल से, दोनों ही 2019 में भी कांग्रेस के प्रत्याशी रहे थे। नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा से चुनाव जीता था। यह बताना जरूरी है कि नकुलनाथ ने पहले ही सियासी मंचों पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी थी।
कांग्रेस ने मंडला से ओमकार सिंह मरकाम, भिंड से फूल सिंह बरैया, और सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा को भी प्रत्याशी बनाया है। ये तीनों विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में सतना सीट पर सिद्धार्थ ने भाजपा के गणेश सिंह को हराया था। अब लोकसभा चुनाव में भी ये दोनों ही उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
कांग्रेस द्वारा घोषित 10 सीटों में से 7 सीटें आरक्षित हैं। भिंड, देवास, और टीकमगढ़ अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं, जबकि मंडला, खरगोन, धार, और बैतूल अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए रिजर्व हैं। छिंदवाड़ा, सीधी, और सतना अनारक्षित हैं।
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गढ़वाली राजगढ़ सीट को होल्ड रखा है। आशंकाएं थीं कि दिग्विजय सिंह राजगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन सोमवार को दिल्ली में हुई सीईसी की बैठक में तय हुआ कि दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, डॉ. गोविंद सिंह, सज्जन सिंह वर्मा जैसे वरिष्ठ नेताओं को लोकसभा चुनाव में नहीं लड़ने दिया जाएगा।
कांग्रेस की पहली लिस्ट में एमपी के बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, और सागर में कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए हैं। रतलाम से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को भी फिर से मैदान में उतारने की संभावना थी, लेकिन उनकी सीट भी होल्ड रखी गई है।
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए पहली सूची 2 मार्च को जारी की थी, जिसमें मध्य प्रदेश की 24 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम शामिल थे। विदिशा से शिवराज सिंह चौहान और गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रत्याशी बनाया गया है। अभी तक छिंदवाड़ा, इंदौर, उज्जैन, बालाघाट, और धार के लिए प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया गया है।












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