भाजपा ने देश को ओबीसी पीएम, एमपी में 3 सीएम द‍िए, कांग्रेस ने क्‍या द‍िया: भूपेंद्र सिंह

सागर। 6 जून
भाजपा ने देश को ओबीसी वर्ग से सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री तो मप्र को तीन सीएम द‍िए हैं। ओबीसी समाज को कांग्रेस और कमलनाथ के झूठ पर आधारित गुमराह करने वाली साजिशों को समझना होगा। यह बात मप्र के नगरीय व‍िभाग एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कही। वे ओबीसी संगठन द्वारा आयोज‍ित कार्यक्रम को संबोध‍ित कर रहे थे।

प‍िछडा वर्ग के सम्‍मेलन को संबोध‍ित करते मंत्री भूपेंद्र सिंह

मप्र के नगरीय आवास एवं विभाग मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हमने अभी चुनाव और शिक्षा क्षेत्र के एडमिशन में ओबीसी आरक्षण कर उच्च सफलताएं पाई हैं। नौकरियों में आरक्षण की वैधानिक लड़ाई भी हम न्यायालयों से इसी तरह जीतेंगे। उन्‍होंने ओबीसी आरक्षण की न्यायालय में किए गये संघर्ष को सुनाते हुए बताया कि कांग्रेस के लोगों ने महाराष्ट्र के जिस केस का उदाहरण देकर सुप्रीम कोर्ट से मध्यप्रदेश का ओबीसी आरक्षण निरस्त कराया था उसी कांग्रेस गठबंधन की सरकार वाले महाराष्ट्र राज्य में ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव संपन्न हो गये और अगले महीने वहां नगरीय निकाय चुनावों में भी कांग्रेस ओबीसी आरक्षण देने में विफल रही। इसके उलट मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने साहस और धैर्य के साथ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिलाने में सफलता पाई।

कांग्रेस ने कहा था, मुझे फांसी लगाने की तैयारी कर लेना चाहिए
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की सरकार फिर से बनते ही हमने 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव संपन्न कराने का निर्णय लिया था और राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी करके चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी थी पर कांग्रेस ने अपने लोगों से लगातार न्यायालय में याचिकाएं लगवा कर अंततः सुप्रीम कोर्ट से ओबीसी आरक्षण निरस्त कराने का आदेश कराया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस के लोगों ने विधानसभा में मेरे भाषण की याद दिला कर यह तक कहना शुरू कर दिया था कि अब मुझे फांसी लगाने की तैयारी कर लेना चाहिए। ऐसी हताशा के समय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपना विदेश दौरा रद्द करके हमने लोगों के साथ दिल्ली जा कर सुप्रीम कोर्ट में एप्लीकेशन ऑफ मॉडीफिकेशन लगाई।

सागर में प‍िछडा वर्ग के नेताओं ने मंत्री भूपेंद्र सिंह का सम्‍मान किया

कुछ जगहों पर यह आरक्षण 35 प्रतिशत तक भी मिला
मंत्री सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सरकार का पक्ष सुनने के बाद 35 प्रतिशत तक आरक्षण और 2022 का परिसीमन मानते हुए ओबीसी आरक्षण के साथ निकाय चुनाव कराने का एतिहासिक आदेश पारित कर दिया। उन्‍होंने बताया कि विभिन्न निकायों में महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, वार्ड पार्षदों के पदों पर ओबीसी के लिए आरक्षण पिछले बार की तय सीमा से भी बढ़ कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गया। कुछ जगहों पर यह आरक्षण 35 प्रतिशत तक भी मिला है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+