मंदीडीप बाल मजदूरी मामले पर सीएम मोहन यादव के निर्देश पर सरकार का बड़ा एक्शन, श्रम निरीक्षक को किया सस्पेंड
MP News: जब से मध्य प्रदेश की कमान डॉ मोहन यादव ने संभाली है तब से वे लगातार हर मामले पर सख्त एक्शन लेते हुए नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उनके निर्देश पर रायसेन जिले की फैक्ट्री में बाल मजदूरी के मामले में श्रम निरीक्षक मंडीदीप रामकुमार श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है।
मंडीदीप में सोम डिसलरी फैक्ट्री में बाल मजदूरी के खिलाफ सरकार ने किया एक बड़ा एक्शन लिया है। श्रम विभाग में आबंटित कार्य क्षेत्र में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का पालन करने में लापरवाही और उदासीनता दिखाने वाले श्रम निरीक्षक मंडीदीप राम कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। इसके पहले आबकारी विभाग के एक अफसर को भी सस्पेंड किया गया था।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, 14 जून को बाल आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को सूचना मिली थी कि मंडीदीप स्थित सोम डिस्टलरी फैक्ट्री में बड़ी संख्या में बाल मजदूरी कराई जा रही है। जिसके बाद बाल आयोग के अध्यक्ष ने पुलिस के साथ छापा मार कर बड़ी संख्या में बाल मजदूरी कर रहे बच्चों को बाहर निकाला। यहां पर बच्चों से करीब 15-15 घंटे काम कराया जा रहा था जिसके चलते उनके हाथों की चमड़ी तक निकल गई थी।
जानकारी के अनुसार करीब 60 बच्चों का रेस्क्यू किया गया है। जब यह मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने तत्काल एक्शन लेते हुए आबकारी निरीक्षक को सस्पेंड निर्देश दिए है। इसके बाद अब श्रम विभाग के निरीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार, बचपन बचाओ अभियान से एक शिकायत मिली थी कि रायसेन जिले के सेहतगंज में सोम डिस्टिलरीज नामक शराब फैक्ट्री में बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही थी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस फैक्ट्री में 50 से अधिक बच्चे शराब बनाने के काम में लगे थे। बच्चों को रेस्क्यू कर लिया गया और उन्हें स्कूल बस में सुरक्षित रूप से वापस भेजा गया।
इस मामले में हम विधिक कार्रवाई करने के लिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर रहे हैं और इस फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार करवाने की कार्यवाही करेंगे।












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