सीएम मोहन यादव ने कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान को किया नमन
महान कवयित्री एवं लाखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने सुभद्र कुमारी चौहान की पंक्तियों को साझा करते हुए उन्हे याद किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर सुभद्र कुमारी चौहान को याद करते हुए लिखा, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय चेतना जागृत करने वालीं महान कवयित्री एवं लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन

बता दें कि सुभद्र कुमारी चौहान का जन्म 16 अगस्त 1904 को इलाहाबाद के निकट निहालपुर गांव में हुआ था। सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म जमींदार परिवार से हुआ था। उनके चार भाई-बहन थे। उनके पिता का नाम रामनाथ सिंह था। प्रारंभिक शिक्षा की बात करें तो यह इलाहाबाद के क्रांस्थवेट गर्ल्स स्कूल में हुई थी।
सुभद्रा कुमारी चौहान का विवाह खंडवा के ठाकुर लक्ष्मण सिंह के साथ हुआ था, जिसके बाद वह जबलपुर में रहने लगी थीं। गांधी जी के साथ असहयोग आंदोलन में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वह पहली महिला थीं जिन्होंने इस आंदोलन में हिस्सा लिया था। वह दो बार जेल भी गई थीं। सुभद्रा कुमारी चौहान का पहला कहानी संग्रह बिखरे मोती था, इसके साथ ही उन्होंने कई रचनाएं की।












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