आयुध निर्माण दिवस पर CM मोहन ने दी बधाई, बोले- 'शस्त्र बिना ना शास्त्र की रक्षा सम्भव है, ना ही राष्ट्र की'
Celebrate Ordnance Factories Day 2024: भारत में हर साल 18 मार्च भारतीय आयुध कारखाना दिवस मनाया जाता है। ये दिवस हमारी सुरक्षा करने और भारतीय सशस्त्र बलों को मजबूती को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। इस दिन को आयुध निर्माण दिवस के रूप में भी संबोधित किया जाता है। आयुध निर्माण दिवस (Ordnance Factories Day 2024) के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बधाई दी है।

गौरतलब है कि हम अपने घरों में सुरक्षित इसलिए हैं क्योंकि भारतीय सशस्त्र बल सीमा पर हमारे देश की रक्षा करते हैं। शस्त्रों से लैस सेना ही ये सुनिश्चित करतीहैं कि हम देश के दुश्मनों से नुकसान से दूर शांति पूर्ण जीवन जिएं। सेना ही सुनिश्चित करती ही कि हम सुरक्षित रहें।सीमाओं पर अपनी और देश की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में सेना के जवानों को हथियारों की जरूरत होती है।
भारतीय आयुध कारखाने
बता दें भारतीय आयुध कारखाने भारतीय सशस्त्र बलों को हथियार और गोला-बारूद प्रदान करते हैं, बदले में उन्हें अधिक उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ हमारी रक्षा करने की शक्ति प्रदान करते हैं।
जानें इतिहास
बता दें भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में ब्रिटिश सेना के लिए हथियारों और गोला-बारूद की बढ़ती मांगों का एहसास हुआ। 1775 में फोर्ट विलियम, कोलकाता में आयुध बोर्ड का गठन किया गया। 1787 में ईशापुर में एक बारूद फैक्ट्री बनाई गई और कोलकाता के कोसीपोर में एक गन कैरिज फैक्ट्री बनाई गई।अब इसे गन एंड शेल फैक्ट्री, कोसीपोर के नाम से जाना जाता है।
1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, आयुध कारखानों को इंडिन सरकार के नियंत्रण में रखा गया। आयुध फैक्ट्री दिवस 18 मार्च को उस दिन की याद में मनाया जाता है जब कोलकाता के कोसीपोर में आयुध फैक्ट्री का गठन किया गया था।












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