MP News: मध्य प्रदेश के इन 13 जिलों में हो सकती है बारिश, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण बढ़ेगी कड़ाके ठंड
MP Weather News: मध्य प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा अनुमान के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 24 घंटों में बारिश होने के आसार हैं।
प्रदेश के 13 जिलों में बारिश हो सकती है, जिनमें प्रमुख रूप से जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, और सिंगरौली शामिल हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में कहीं-कहीं बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, ग्वालियर-चंबल संभाग में बर्फीली हवाओं के कारण ठंड बढ़ने का भी पूर्वानुमान है। वहीं, भोपाल, इंदौर, और उज्जैन क्षेत्रों में तेज ठंड का असर बढ़ने वाला है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर
मौसम वैज्ञानिक एम खान के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव हो सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण इस बार पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है, जिससे बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकती हैं। इस प्रभाव के कारण, प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड का असर और अधिक बढ़ सकता है।
ठंड का प्रभाव और बर्फीली हवाएं
ग्वालियर और चंबल संभाग में बर्फीली हवाओं का असर साफ देखा जा सकता है, जो ठंड में और वृद्धि कर सकते हैं। इन क्षेत्रों में हवा इतनी ठंडी हो सकती है कि लोग ठिठुर सकते हैं। इसके अलावा, भोपाल, इंदौर, और उज्जैन में भी तेज ठंड के साथ ठंडी हवाओं का असर बढ़ सकता है, जिससे लोगों को अधिक ठंड का सामना करना पड़ेगा।
पूर्वी हिस्से में बारिश का अलर्ट
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में, जिन जिलों में बारिश होने का अनुमान है, वहां बारिश के साथ-साथ हल्के बादल भी बने रह सकते हैं। यह बारिश क्षेत्रीय कृषि और जलवायु पर असर डाल सकती है, और किसानों को विशेष रूप से तैयार रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने किसानों से यह अपील की है कि वे अपने खेतों में कोई भी कार्य करने से पहले मौसम का जायजा लें, ताकि बारिश से उनकी फसलें प्रभावित न हों।
8 दिसंबर को हो सकती है और बारिश
मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी कि 8 दिसंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में फिर से बारिश होने की संभावना है। इस दौरान, प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में ठंड का प्रभाव जारी रहेगा, और यह प्रभाव आगामी कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
मौसम के बदलाव के लिए सावधान रहें
प्रदेश में होने वाली इस मौसम में बदलाव से जुड़ी घटनाओं के मद्देनजर, मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को मौसम से संबंधित किसी भी प्रकार के बदलाव के प्रति सतर्क रहने और तैयारी रखने की सलाह दी है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण सड़कों पर जलभराव, धुंध और गाड़ियों के लिए फिसलन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
MP में फिर लुढ़का पारा: रात का तापमान गिरा, ठंड बढ़ी
मध्य प्रदेश में तीन-चार दिनों की राहत के बाद एक बार फिर से पारा लुढ़क गया है और ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। शुक्रवार और शनिवार की रात राज्य के विभिन्न शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे चला गया। खासकर, प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्से में ठंड का असर अधिक देखा गया है, जिससे लोगों को सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहडोल के कल्याणपुर और नौगांव में 8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिंगरौली के देवरा और रीवा में तापमान 8.2 डिग्री तक गिर गया। इसके अलावा, सतना के चित्रकूट और शिवपुरी के पिपरसमा में 8.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
अत्यधिक ठंड से प्रभावित होने वाले अन्य क्षेत्रों में राजगढ़ (9 डिग्री), टीकमगढ़ (9.1 डिग्री), खजुराहो (9.2 डिग्री), उमरिया (9.4 डिग्री), पचमढ़ी (9.6 डिग्री) और सतना (9.9 डिग्री) शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रात के तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को ठंड महसूस हो रही है। इसके अलावा, गुना, सीधी, रायसेन और मंडला जैसे जिलों में भी तापमान 12 डिग्री से नीचे बना रहा।
बड़े शहरों में भी तापमान में गिरावट आई है। भोपाल में रात का तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 16.3 डिग्री, ग्वालियर में 10.1 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री, और जबलपुर में 11.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।
अगले कुछ दिन रह सकते हैं ठंडे
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में भी ठंड का असर जारी रहने की संभावना है। हालांकि, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है, जिससे ठंड की तीव्रता और बढ़ सकती है। इस दौरान ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बर्फीली हवाओं का प्रभाव बने रहने की संभावना जताई गई है, जिससे वहां ठंड और बढ़ सकती है।
किसानों और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को ठंड से बचाने के उपाय करें, ताकि ठंड के प्रभाव से फसलें नुकसान न हों। वहीं, नागरिकों को भी ठंड से बचाव के उपायों के तहत गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव रहने की संभावना है, और प्रदेशवासियों को ठंड और बारिश के लिए तैयार रहना होगा।












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