बुंदेलखंड में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की आशंका, टीकमगढ़ के बाद अब दमोह-सागर में पशु मरने लगे
बुंदेलखंड में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की दस्तक और तीन जिलों में सूअर, भेड़, बकरियों की मौत से दहशत फैलती जा रही है। लोग स्वाइन फ्लू को लेकर डरे हैं। इधर पशु चिकित्सा विभाग अभी तक केवल सैंपलिंग पर ही अटका है।


जानकारी अनुसार दमोह जिले के बनवार ग्रामीण इलाके में बीते कुछ दिनों से अचानक भेड़-बकरियों की मौतें होने लगीं। अभी तक कई सैकड़ा जानवर की जान जाने की बात सामने आई है। इसमें पालतू सुअर और बकरियां शामिल हैं। हालात यह है कि गांव के आबादी व बाहरी इलाके में जानवरों के शव पर गिद्द तक मंडरा रहे हैं और बदबू से लोग परेशान होकर इन पर मिट्टी डाल रहे है। बता दें कि इस इलाके में ग्रामीण पशु पालन कर इनके उत्पादों का विक्रय करते हैं। अकेले बनवार में ही बंसल समाज के लोग 250 से अधिक सूअर पाले थे, जो अब कुछ दर्जन बचे हैं। भेड़-बकरियों के अलावा आवारा व पालतु गाय भी दम तोड़ रही हैं, बावजूद इसके पशु पालन विभाग अभी तक अनजान बना हुआ है। एसडीएम अविनाश रावत तक मामला पहुंचने के बाद पशु चिकित्सा विभाग को जानकारी मिली।
सागर के सिविल लाइन इलाके में हड़कंप
संभागीय मुख्यालय सागर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइन में हरीसिंह गौर वार्ड में दो दिन में 30 के आसापास सूअर मृत मिले हैं। सरकारी जीएडी कॉलोनी व आसपास के इलाके में कुछ परिवार इनका पालन करते हैं। इधर गुरु गोविंद सिंह वार्ड में भी 2 दर्जन से अधिक सूअर की मौत से हड़कंप मच गया। पार्षद सक्रिय हुए और निगम आयुक्त को जानकारी देकर मरे हुए जानवर हटवाने की बात कही गई तक मामले का खुलासा हो सका।
आज से नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग सैंपलिंग कर रहा
पशु चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार से पशु चिकित्सा विभाग सागर के हरीसिंह गौर वार्ड और गुरु गोविंद सिंह वार्ड में निगम अमले के साथ सूअरों की सैंपलिंग कर बीमारी के कारण की जांच कराएगा। यदि बीमारी या संक्रामक वायरस की पुष्टि होती है तो इनको क्वारेंटाइन कर इनके परिवहन पर भी रोक लगाई जाएगी। हालांकि सागर में अफ्रीकन स्वाइन फीवर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।












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