देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में फूट-फूट कर रोईंं MLA रामबाई, बोली-'पति व देवर निकले हत्यारे तो कर लूंगी खुदकुशी'
Damoh News, दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी की विधायक रामबाई सिंह मीडिया के सामने फूट-फूट कर रो पड़ी। दमोह पुलिस अधीक्षक द्वारा छापामार कार्रवाई करते हुए उनके घर की तलाशी लिए जाने के बाद रामबाई ने मीडिया से बात की और उनका कहना था कि कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड (devendra chaurasia murder case) में उनके पति एवं देवर दूर-दूर तक शामिल नहीं है। पुलिस जांच करें और यदि जांच में उनके पति एवं देवर दोषी पाए जाते हैं। तब ही कोई कार्रवाई की जाए।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के बाद अपनी दबंगई के लिए चर्चित रही विधायक रामबाई (MLA Rambai Singh) अब कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में अपने पति एवं देवर का नाम आने के बाद परेशान है। शुक्रवार की दोपहर पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्होंने मीडिया के सामने यह दावा किया कि उनकी हर दिन उनके पति गोविंद सिंह एवं देवर चंदू सिंह से बातचीत होती है। यदि पुलिस लिख कर दे तो वे उनको पेश करा सकती है।
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विधानसभा से इस्तीफा देकर कर लूंगी खुदखुशी-रामबाई
राम बाई ने यह भी कहा कि 10 दिन के अंदर यदि उनको न्याय नहीं मिलता है तो वे विधानसभा के सामने आमरण अनशन पर बैठेगी। रामबाई यहीं नहीं रुकी। उन्होंने कहा कि यदि कोई मेरे ऊपर हमला कर दें और मैं आरोपियों में सीएम का नाम लिखवा दूं तो क्या पुलिस उनका नाम लिखेगी। रामबाई ने यह वादा भी किया कि यदि उनके पति एवं देवर का नाम इस हत्याकांड में जांच के बाद शामिल पाया जाता है तो वे विधानसभा से इस्तीफा देकर खुदखुशी कर लेंगी।

क्या है देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड
हटा में 15 मार्च 2019 को देवेंन्द्र चौरसिया में अपने बेटे अभिषेक के साथ क्रेशर पर थे। इसी दौरान धारदार हथियारों से लैस होकर हमलावर आए और उनके साथ मारपीट की। दोनों देवेंद्र चौरसिया व उनका बेटा अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान देवेंद्र चौरसिया ने दम तोड़ दिया। घायल अभिषेक के पर्चा बयान के आधार पर पुलिस ने बीएसपी विधायक रामबाई सिंह के पति गोविन्द सिंह, उनके देवर चंदू सिंह, भतीजा गोलू सिंह और भाई लोकेश पटेल के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के बेटे इंद्रपाल पटेल के अलावा 7-8 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। फिलहाल किसी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका है।

देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड की संभावित वजह
देवेंन्द्र चौरसिया हत्याकांड की पुख्ता वजह अभी तक सामने नहीं आई है। हत्याकांड से तीन दिन पहले ही देवेंन्द्र चौरसिया बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। माना यह भी जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व आया जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी हत्या किए जाने की वजह हो सकता है, क्योंकि इस अविश्वास प्रस्ताव में देवेंद्र चौरसिया अध्यक्ष के खिलाफ थे जबकि भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष होने के बाद भी बीएसपी विधायक रामबाई सिंह और उनके परिवार ने अध्यक्ष के समर्थन में थे। इसके बाद से चौरासिया और बीएसपी विधायक के बीच चुनावी रंजिश चल रही थी।












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