MP News: जीतू पटवारी के गुटबाजी वाले बयान पर बीजेपी का हमला, पूछा- कौन है गुटबाजी का कैंसर?
एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के द्वारा कांग्रेस में गुटबाजी को "कैंसर" बताने वाले बयान के बाद भाजपा ने उन्हें घेर लिया है। पटवारी ने धरमपुरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा था कि कांग्रेस में गुटबाजी का कैंसर है और इसे खत्म करना होगा, नहीं तो पार्टी खत्म हो जाएगी।
जीतू पटवारी का बयान
जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा, "कांग्रेस में एक कैंसर है - ग्रुपिज्म और गुटबाजी का। या तो इस गुटबाजी के कैंसर को खत्म करना पड़ेगा, या फिर हमें खत्म होना पड़ेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि "अगर हम इस गुटबाजी के कैंसर को खत्म नहीं करेंगे तो हम खत्म हो जाएंगे। मैंने निर्णय लिया है कि इस गुटबाजी को समाप्त करना ही होगा।"

बीजेपी ने किया पलटवार
पटवारी के इस बयान पर बीजेपी ने हमला बोलते हुए पूछा कि कांग्रेस में गुटबाजी का यह कैंसर कौन है? बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी और अंतर्कलह पहले से ही स्पष्ट रूप से चल रहा है, और यह बात कांग्रेस लगातार नकारती रही है।
सलूजा ने यह भी याद दिलाया कि जब कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पटवारी पर निशाना साधा था, तो पटवारी ने इसे खंडित करने के लिए झूठा ट्वीट भी करवाया था। सलूजा ने यह सवाल उठाया कि कांग्रेस के अंदर यह गुटबाजी कौन पैदा कर रहा है?

कांग्रेस में चल रही है अंदरूनी खींचतान
दरअसल, पटवारी का बयान कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी की ओर इशारा करता है। पिछले कुछ समय से कांग्रेस में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चाएं गरम हैं। कई बार इन नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। पटवारी का यह बयान कांग्रेस के अंदर की राजनीतिक उठापटक और गुटबाजी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सलूजा का बयान
सलूजा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की स्थिति इतनी गंभीर है कि यह अब "हार्ट अटैक" और "किडनी फेल" जैसी अवस्था में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, "हम तो कहते हैं गुटबाजी का कैंसर नहीं, कांग्रेस में गुटबाजी का हार्ट अटैक और गुटबाजी की किडनी फेल भी है। गुटों में बंटी कांग्रेस में गुटबाजी का कैंसर जीतू पटवारी किसे मानते हैं ये स्पष्ट करना चाहिए।"
जय भीम, जय बापू, जय संविधान यात्रा पर भी सवाल
सलूजा ने कांग्रेस की "जय भीम, जय बापू, जय संविधान यात्रा" पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इस यात्रा को लेकर भी सब अलग-अलग चल रहे हैं। जीतू पटवारी ने अलग मोर्चा खोला है, जबकि उमंग सिंघार और अरुण यादव ने किसी को साथ नहीं लिया है। यह स्पष्ट रूप से कांग्रेस के अंदर चल रही आंतरिक गुटबाजी को उजागर करता है।












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