MP: BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा से सिंधिया समर्थक मंत्री की मांग, CM के सामने कर डाली ये डिमांड
मध्यप्रदेश के इंदौर में केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के माध्यम से मंत्री तुलसीराम सिलावट ने एमवाय अस्पताल को आदर्श बनाने के लिये अत्याधुनिक मशीनरी और चिकित्सकीय संसाधनों के उन्नयन संबंधी मांग रखी।
केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के माध्यम से प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने एमवाय अस्पताल को आदर्श हॉस्पिटल बनाने के लिये अत्याधुनिक मशीनरी और चिकित्सकीय संसाधनों के उन्नयन के संबंध में मांग पत्र सौपा।

केन्द्रीय मंत्री नड्डा को मंत्री सिलावट ने बताया कि, इंदौर का महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल है। यहां पर मालवा-निमाड़ एवं मध्यप्रदेश के सीमावर्ती प्रांत गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान से भी हजारों की संख्या में प्रतिदिन मरीज उपचार के लिये आते है, जिनमें अधिकांश मरीज गरीब एवं मजदूर वर्ग के होते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 5 हजार मरीज ओ.पी.डी. में, एक हजार से अधिक मरीज आई.पी.डी. में तथा लगभग 1 हजार 500 से अधिक मरीज इमरजेंसी में उपचार के लिये आते हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक ऑपरेशन किये जाते हैं। उक्त संख्या को देखते हुए मरीजों को बेहतर इलाज एवं आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं देने के लिए एमवाय अस्पताल एवं उससे संबंधित अस्पतालों को आदर्श अस्पताल बनाये जाने के लिये अत्याधुनिक मशीनरी एवं चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने तथा अन्य विकास एवं उन्नयन कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाना अत्यंत आवश्यक है।
केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा के इंदौर आगमन के अवसर पर मंत्री सिलावट ने एमवाय अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में सुविधाओं की बढ़ोत्तरी के संबंध में अनुरोध किया।
सिलावट ने बताया कि, एमवाय अस्तताल में 250 बेड का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित होने से एमवाय अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 ट्रॉमा एवं एम.एल.सी. के मरीज आते हैं। वर्तमान में यहां 40 बेड का एक्सीडेंट और केज्यूअल्टी सेंटर संचालित है, जो पर्याप्त नहीं है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां G+6 भवन में 250 बेड का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाना आवश्यक है, जिसमें 50 बेड का आई.सी.यू. तथा 6 मॉड्यूलर ओपरेशन थिएटर हो। इसके लिये केज्यूअल्टी मेडिकल ऑफिसर के और पद निर्मित किया जाना आवश्यक है।
मंत्री सिलावट ने एमआरटीबी अस्पताल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की मांग करते हुए बताया कि वर्तमान में एमआरटीबी अस्पताल का भवन 67 वर्ष पुराना हो कर 100 बेड की क्षमता के साथ संचालित है। मरीजो की बढ़ती संख्या को देखते हुए 200-250 बेड की क्षमता के साथ अत्याधुनिक मॉड्यूलर आपरेशन थिएटर, नए उपकरण (E-Bus, Cryo, Navigation System) एवं सी.टी. मशीन की स्थापना करते हुए एमआरटीबी अस्पताल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने चाचा नेहरू अस्पताल के विस्तार के संबंध में उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में चाचा नेहरू अस्पताल 100 बेड की क्षमता के साथ संचालित है, इसका बच्चों के उपचार हेतु विस्तार किया जाना आवश्यक है। इसकी बेड क्षमता को 300 बेड का करने के साथ-साथ अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर बनाया जाना आवश्यक है ताकि पीडियाट्रिक मेडिसीन एवं पीडियाट्रिक सर्जरी दोनों एक ही स्थान पर हो सकेगी।
ये भी पढ़े- बागेश्वर सरकार के हिंदू राष्ट्र वाले मुद्दे पर लोगों ने कही चौंकाने वाली बात, किसकों दिया चैलेंज, जानिए












Click it and Unblock the Notifications