MP News: टल सकता है BJP प्रदेशाध्यक्ष चुनाव, CG के कारण MP में बदले समीकरण, संघ दे सकता है ये नाम
MP BJP News: मध्य प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदान तक टलने की संभावना जताई जा रही है। यह निर्णय खासतौर पर दो कारणों से लिया गया है।
पहला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विदेश यात्रा (27 जनवरी से 2 फरवरी तक) और दूसरा, दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के नेताओं की व्यस्तता। इन कारणों से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया फरवरी के पहले सप्ताह में, दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हो सकती है।

हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर बीजेपी के अंदर समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस (सीजी) की स्थिति को देखते हुए कुछ नए समीकरण उभर कर सामने आ रहे हैं। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश में नए अध्यक्ष के चयन को लेकर विचार-विमर्श करना शुरू कर दिया है, और पार्टी में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस चुनाव के लिए संघ की तरफ से गजेन्द्र सिंह का नाम भी सामने आ रहा है। गजेन्द्र सिंह को लेकर संघ और बीजेपी के कुछ नेताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जो इस बदलाव को लेकर मध्य प्रदेश में पार्टी के लिए एक मजबूत नेतृत्व का रूप मानते हैं।
वैश्य वर्ग के हेमंत खंडेलवाल के नाम पर चर्चा
मध्य प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव अब एक नए समीकरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पार्टी ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में विभिन्न जाति और वर्ग के नेताओं को शामिल कर संतुलन बनाने की कोशिश की है, और अब प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में भी यही रणनीति अपनाई जा रही है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ में राजपूत वर्ग से आने वाले किरण देव सिंह को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिससे मध्य प्रदेश में राजपूत वर्ग के अलावा अन्य किसी समाज से नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका मिल सकता है।
समीकरण में बदलाव: जातीय संतुलन और पार्टी की रणनीति
मध्य प्रदेश में बीजेपी जातीय संतुलन बनाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिससे विभिन्न समाजों के नेताओं को समान अवसर मिल सके। राजपूत समाज के नेताओं में पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, पन्ना विधायक और पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, और प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह जादौन प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में ठाकुर वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष के फिर से नियुक्त होने के बाद मध्य प्रदेश में समीकरण बदल सकते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष के लिए रेस में कौन-कौन से नेता?
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल 15 फरवरी 2020 को पूरा हो जाएगा, और उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। अब वीडी शर्मा के स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए आधा दर्जन से अधिक नेता सक्रिय हैं। हालांकि, वीडी शर्मा भी दूसरे कार्यकाल के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं।
विभिन्न वर्गों के नेताओं की सूची, प्रदेश अध्यक्ष की रेस में विभिन्न वर्गों के नेता शामिल हैं:
- ब्राह्मण: डॉ. नरोत्तम मिश्रा, आलोक शर्मा, अर्चना चिटनीस
- राजपूत: अरविंद भदौरिया, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सीमा सिंह जादौन
- वैश्य: हेमंत खंडेलवाल, सुधीर गुप्ता
- आदिवासी: गजेन्द्र सिंह पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, रामलाल रौतेल
- अनुसूचित जाति: प्रदीप लारिया, लाल सिंह आर्य
- वैश्य वर्ग के हेमंत खंडेलवाल: मुख्यमंत्री की पसंद?
वैश्य वर्ग से बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे आगे चल रहा है। हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी पसंद माना जा रहा है। हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक करियर काफी समृद्ध रहा है। वे 2007 के उपचुनाव में बैतूल से सांसद बने, 2010 में बैतूल के बीजेपी जिलाध्यक्ष रहे, 2013 में बैतूल से विधायक बने, और 2014 में वे बीजेपी के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी बनाए गए थे। वर्तमान में वे बैतूल से विधायक और कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।












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