नवरात्र में पुजारी ने ली जिंदा समाधि, पुलिस ने जमीन खोदकर निकाला
छतरपुर के गौरया गांव में सिद्ध बाबा मंदिर के पुजारी ने नवरात्र के दौरान जिंदा समाधि ले ली। भक्तों की भीड़ के सामने वे जमीन में बने गड्ढे में लेट गए और श्रृद्धालुओं ने उसे ढंपकर मिट्टी से बंद कर दिया।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में नवरात्र के दौरान एक मंदिर के पुजारी द्वारा जिंदा समाधि लेने का फैसला किया। मंदिर से जुड़े शिष्यों और श्रृद्धालुओं ने एक पांच वाय छह फीट का गड्ढा खोदा, बाकायदा पूरे विधि-विधान से पुजारी ने समाधि में प्रवेश किया और लोगों ने ऊपर से गड्ढे पर ढंककर मिट्टी डालकर उस पर घड़े और दीपक रखकर फूल डाले। बाद में प्रशासन और पुलिस ने पहुंचकर गड्ढे को खोदकर पुजारी को बाहर निकाला।


समाधि की पूजा-पाठ भी करते रहे लोग
बता दें कि सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने बाबा नारायणदास ने 48 घंटे के लिए जिंदा समाधि ले ली थी। किसी ने उन्हें मना नहीं किया। समाधि लेने के बाद लोग समाधि की पूजा-पाठ करते रहे और घर चले गए।
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प्रशासन और पुलिस ने पहुंचकर समाधि खोदकर बाहर निकाला
गौरेय गांव में बाबा नरायणदास की समाधि के जानकारी लगी तो प्रशासन और पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। तहसीलदार सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और समाधि को देखा तो पुलिसकर्मियों को तत्काल समाधि के ऊपर की मिट्टी हटाने के निर्देश दिए। करीब 10 मिनट में मिट्टी हटाकर देखा तो समाधि में नीचे पुजारी नारायणदास जमीन में फर्श पर आंख बंदकर लेटे हुए थे। सिर के पास एक कलश पर एक दीपक जल रहा था। अधिकारियों ने आवाज दी तो वे कुछ नहीं बोले, बाद में जयकारे लगाने पर बाबा ने आंखें खोली और खुद ही बाहर आ गए। बाद में अधिकारियों से चर्चा के दौरान बाबा ने मंदिर से जुड़ी कुछ समस्याएं भी बताईं।












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