Madhya Pradesh में चलेगी कर्नाटक जैसी आंधी? AICC में मुद्दे डिस्कस, कमलनाथ बोले- अब सिर्फ सवा चार महीने
एमपी में विधानसभा चुनाव में कमलनाथ कांग्रेस का नहीं बल्कि पूरे राज्य का भविष्य देख रहे हैं। AICCI की अहम बैठक में बाद चुनाव के मुद्दे और रणनीति बता दी गई हैं। दिग्गजों ने 150+ सीटें हासिल करने का दावा किया हैं।

AICC Meeting in Delhi for Madhya Pradesh Election: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। कर्नाटक फतह के बाद अब कांग्रेस का 'मिशन एमपी' है। राजधानी दिल्ली में पार्टी सुप्रीम मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत AICCI के दिग्गजों की करीब ढाई घंटे मीटिंग हुई। कमलनाथ बोले कि सवाल पार्टी का नहीं बल्कि एमपी के फ्यूचर का हैं।
कांग्रेस अब कर्नाटक की तरह मध्य प्रदेश के चुनावी मैदान में भी गोल करना चाहती हैं। कर्नाटक से मिली जीत की ताकत और सबक के सहारे एमपी में 150+ सीट हासिल करने कांग्रेस ने ऐलान कर दिया हैं। दिल्ली की AICCI की अहम् बैठक के बाद दिग्गजों ने कर्नाटक इलेक्शन का जिक्र भी किया।
एमपी में यह साफ़ है कि पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ के कंधो पर सवार होकर ही पूरा चुनाव लड़ा जाएगा। बैठक के बाद कमलनाथ ने मीडिया के सामने नपे-तुले सीमित शब्दों में जो बयान दिया, उससे स्पष्ट हो गया कि जनता के बीच कांग्रेस बतौर पार्टी बनकर नहीं, बल्कि राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर पहुंचेगी।
कमलनाथ ने कहा कि अब चुनाव में महज सवा चार महीने का वक्त बचा हैं। चुनावी रणनीति और मुद्दे क्या होंगे? इस सिलसिले में दिग्गजों के साथ विस्तार से चर्चा हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब सवाल पार्टी का नहीं है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के भविष्य का है। इसलिए एकता के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।
कहा जा रहा है कि मीटिंग में कमलनाथ ने एमपी के मुद्दों की लिस्ट भी सौंप दी है। किस आधार पर किस क्षेत्र में उन मुद्दों को उठाया जाएगा? ताकि पब्लिक मीटिंग ज्यादा से ज्यादा वोटों में तब्दील हो सकें, इसकी रणनीति भी बन गई हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने एमपी में सीटों का टारगेट भी फिक्स कर दिया। दावा किया जा रहा है कि पार्टी एमपी में 150+ सीटें हासिल करेंगी। यानि बहुमत से 34-35 सीटें अधिक।












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