रूस-यूक्रेन जंग रोकने की आखिरी कोशिश! मैक्रों-पुतिन के बीच राजनयिक समाधान पर बनी सहमति
पेरिस, 20 फरवरी। यूक्रेन और रूस के बीच एक भयंकर युद्ध का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। रूस की जैसी तैयारी है उसके मुताबिक अगर दोनों देशों में युद्ध भड़कता है तो यह भयावह होगा और इससे पूरा यूरोप प्रभावित होगा। यही वजह है कि इस युद्ध को रोकने के लिए पश्चिमी देशों की तरफ से आखिरी प्रयास जारी हैं। इसी सिलसिले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को अपने रूसी समकक्ष ब्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की जो बड़ी सार्थक रही। इस दौरान दोनों नेताओं में यूक्रेन संकट के राजनयिक समाधान की जरूरत पर सहमति बनी। ये पहली बार है जब रूसी राष्ट्रपति ने राजनयिक समाधान पर सहमति दी है।

फ्रांस के राष्ट्रपति के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच 105 मिनट लंबी बात हुई। दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता इमैनुएल मैक्रों की रूस दौरे के दो सप्ताह बाद हुई है। मैक्रों का पिछला रूस दौरान पुतिन को यूक्रेन की सीमा पर सैनिकों को भेजने से रोकने को लेकर ही था लेकिन पुतिन को रोकने में मैक्रों सफल नहीं रहे थे।
रविवार को मैक्रों और पुतिन के बीच फोन पर वार्ता के बाद सोमवार को दोनों देशों के विदेश मंत्री बात करेंगे। रूसी समाचार एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी है।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जेलेंस्की ने रूस समर्थित विद्रोहियों के साथ संघर्ष में उलझे देश के पूर्वी हिस्से में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन त्रिपक्षीय संपर्क समूह के भीतर शांति वार्ता का समर्थन करता है।
इसके एक दिन पहले ही वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मैक्रों से कहा था कि रूस के उकसावे का जवाब नहीं देंगे और मास्को के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।
यूक्रेन ने दिया बातचीत का प्रस्ताव
यही नहीं जेलेंस्की ने संकट को सुलझाने के लिए रूसी राष्ट्रपति को बातचीत का खुला ऑफर दिया है। जेलेंस्की ने कहा है कि वह जानना चाहते हैं कि आखिर पुतिन चाहते क्या हैं। इसके लिए वह बातचीत के लिए तैयार हैं। पुतिन चाहें तो अपनी पसंद की जगह पर मिल सकते हैं। जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन जगह का चुनाव कर लें, मैं उस जगह पर बातचीत के लिए पहुंच जाऊंगा।
मैक्रों के कार्यालय ने रविवार की बातचीत को "यूक्रेन में एक बड़े संघर्ष से बचने के लिए अंतिम संभव और आवश्यक प्रयास" कहा है।
वहीं इस बीच यूक्रेन में सरकारी बलों और लुगांस्क और डोनेट्स्क जिलों के कुछ हिस्सों पर कब्जा करने वाले मास्को समर्थित विद्रोहियों के बीच अग्रिम पंक्ति के करीब रातोंरात अधिक बमबारी सुनी गई। वहीं खबर है कि रूस ने संघर्षरत क्षेत्र की तरफ अपने 200 टैंक भेजे हैं।
पश्चिमी देश लगातार रूस पर यूक्रेन पर हमला करने को लेकर लगातार चेतावनी दे रहे हैं। अमेरिका ने कहा है कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ी जंग की तैयारी कर रहा है।












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