यूपी पंचायत चुनाव: कल नहीं जारी होगी फाइनल आरक्षण लिस्ट, जानें क्या है वजह?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण की फाइनल लिस्ट अब हाईकोर्ट के आदेश बाद ही जारी हो पाएगी। बता दें, राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए बीते दिनों शासन के निर्देश पर सभी पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण किया गया था। जनपद में जिला पंचायती राज विभाग द्वारा इसकी अंतिम सूची का प्रकाशन 3 मार्च को कर दिया गया था। इसके बाद विभाग द्वारा इसमें ग्रामीण मतदाताओं और विभिन्न पदों के दावेदारों से दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की थीं। इन आपत्तियों पर जिला स्तरीय समिति द्वारा विचार विमर्श कर निर्णय लेना था और इस निर्णय के साथ अंतिम सूची का प्रकाशन सोमवार को किया जाना था, लेकिन अब सोमवार को इस सूची का प्रकाशन नहीं हो पाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने आरक्षण लिस्ट की अंतिम घोषणा पर रोक लगा दी है।

बता दें, प्रदेश के गांवों में पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। पंचायतों की आरक्षण सूची भी जारी कर दी गई थी, जिसमें दर्ज की गई आपत्तियों का निस्तारण कराने के बाद अंतिम आरक्षण सूची शनिवार को जारी होनी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। अब सुनवाई होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट से पंचायत चुनाव की आरक्षण व्यवस्था पर रोक लगाई जाने के बाद दावेदारों का प्रचार रथ भी रुक गया है, क्योंकि पंचायत चुनाव के लिए विभिन्न पदों पर आरक्षण सूची जारी होने के बाद दावेदार खुलकर सामने आने लगे और बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था।
बागपत में 6 ब्लाकों बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, बिनौली, छपरौली और पिलाना ब्लाक में 244 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें बीडीसी सदस्यों की संख्या 505 हैं। जबकि ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या 3322 और जिला पंचायत परिषद वार्डों की संख्या 20 है। इस बार आरक्षण सूची में जहां व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, वहीं अब हाईकोर्ट ने 15 मार्च तक आरक्षण की अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासनिक स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पूरी तैयारी चल रही है। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए की जा रही रणनीति के बारे में चौकीदारों को भी जानकारी दी है। जिले में करीब 350 चौकीदार ग्राम पंचायतों में तैनात हैं।












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