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UP News: घर वापसी के बाद शुरू हुई परेशानी, महिलाओं ने कहा- छांगुर बाबा के नेटवर्क से मिल रही धमकी

UP News: जबरन धर्मांतरण का शिकार बनीं महिलाएं अब एक-एक कर सनातन धर्म में वापस लौट रही हैं। लेकिन घर वापसी के बाद उनके सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई है, उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।

इन महिलाओं ने राजधानी लखनऊ में पत्रकारों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धर्म में वापसी के बाद उनका जीवन फिर से संकट में आ गया है। डर और भय का माहौल है, जिसमें प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही।

UP News lucknow women

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय में हुई इस प्रेस वार्ता में संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय भी उपस्थित रहे। गोपाल राय ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को डराने के लिए एक पूरा नेटवर्क सक्रिय हो चुका है।

छांगुर गिरोह की धमकियों से सहमी महिलाएं

धर्मांतरण के पीछे छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन का नाम प्रमुख है। इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि छांगुर के गुर्गे इन महिलाओं को दोबारा बहलाने और धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।

पीड़ित महिलाओं के मुताबिक, धर्म से लौटने के बाद उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, ऐसे में वो लोग काफी परेशान हैं।

जिहादी नेटवर्क का खुलासा, पुलिस पर भी सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान गोपाल राय ने दावा किया कि छांगुर सिर्फ धर्मांतरण नहीं, बल्कि जिहादी नेटवर्क का भी हिस्सा है। उनका कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग सीधे तौर पर पीड़ितों को धमका रहे हैं।

राय ने यह भी आरोप लगाया कि जब धमकियों की शिकायत लेकर वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। उन्होंने पूछा कि जब एक संगठन प्रमुख की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम लोग कहां जाएंगे।

उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा छांगुर की गिरफ्तारी के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। संगठन से जुड़े कई लोगों को अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों से पीड़ित लोग एक बार फिर डरने लगी हैं।

सुरक्षा हटने पर नाराज हुए संगठन प्रमुख

गोपाल राय ने यह भी बताया कि उन पर पहले दो बार हमले हो चुके हैं, एक बार उत्तर प्रदेश में और दूसरी बार जम्मू-कश्मीर में। बावजूद इसके, उनकी सुरक्षा हटा ली गई है।

राय ने इसे प्रशासन की गंभीर चूक बताया है और कहा कि कुछ अधिकारियों की वैचारिक पक्षपात के चलते उन्हें सुरक्षा नहीं मिल रही। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से समय मांग कर इस विषय पर चर्चा की योजना जताई है।

प्रेस वार्ता में राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर उन्हें या संगठन से जुड़े किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

UP News: जबरन धर्मांतरण का शिकार बनीं महिलाएं अब एक-एक कर सनातन धर्म में वापस लौट रही हैं। लेकिन घर वापसी के बाद उनके सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई है, उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।इन महिलाओं ने राजधानी लखनऊ में पत्रकारों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धर्म में वापसी के बाद उनका जीवन फिर से संकट में आ गया है। डर और भय का माहौल है, जिसमें प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही।विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय में हुई इस प्रेस वार्ता में संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय भी उपस्थित रहे। गोपाल राय ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को डराने के लिए एक पूरा नेटवर्क सक्रिय हो चुका है।छांगुर गिरोह की धमकियों से सहमी महिलाएंधर्मांतरण के पीछे छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन का नाम प्रमुख है। इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि छांगुर के गुर्गे इन महिलाओं को दोबारा बहलाने और धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।पीड़ित महिलाओं के मुताबिक, धर्म से लौटने के बाद उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, ऐसे में वो लोग काफी परेशान हैं।जिहादी नेटवर्क का खुलासा, पुलिस पर भी सवालप्रेस वार्ता के दौरान गोपाल राय ने दावा किया कि छांगुर सिर्फ धर्मांतरण नहीं, बल्कि जिहादी नेटवर्क का भी हिस्सा है। उनका कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग सीधे तौर पर पीड़ितों को धमका रहे हैं।राय ने यह भी आरोप लगाया कि जब धमकियों की शिकायत लेकर वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। उन्होंने पूछा कि जब एक संगठन प्रमुख की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम लोग कहां जाएंगे।उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा छांगुर की गिरफ्तारी के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। संगठन से जुड़े कई लोगों को अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों से पीड़ित लोग एक बार फिर डरने लगी हैं।सुरक्षा हटने पर नाराज हुए संगठन प्रमुखगोपाल राय ने यह भी बताया कि उन पर पहले दो बार हमले हो चुके हैं, एक बार उत्तर प्रदेश में और दूसरी बार जम्मू-कश्मीर में। बावजूद इसके, उनकी सुरक्षा हटा ली गई है।राय ने इसे प्रशासन की गंभीर चूक बताया है और कहा कि कुछ अधिकारियों की वैचारिक पक्षपात के चलते उन्हें सुरक्षा नहीं मिल रही। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से समय मांग कर इस विषय पर चर्चा की योजना जताई है।प्रेस वार्ता में राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर उन्हें या संगठन से जुड़े किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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